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हिसार के सामान्य अस्पताल का डॉक्टर डेढ़ लाख लेकर करता था कैंसर पीड़ित के शव का पोस्टमार्टम, गिरफ्तार

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सोनीपत। कैंसर पीड़ितों का बीमा कराकर मौत के बाद में हादसा दिखाकर क्लेम लेने के मामले में एसटीएफ ने हिसार के सामान्य अस्पताल के डाक्टर अमित को गिरफ्तार किया है। अमित हिसार के गांव धर्मखेड़ी का रहने वाला है और फिलहाल हिसार की मंगोली सीएचसी में कार्यरत है। वह मामले में दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए पदम खर्ब का सहपाठी है। आरोप है कि उसके कहने पर ही वह कैंसर पीड़ितों की मौत के बाद उसे हादसा दिखाने के लिए पोस्टमार्टम करता था। वह एक पोस्टमार्टम के लिए डेढ़ लाख रुपये लेता था। एसटीएफ की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।
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विदित रहे कि बीमा कंपनी के पदाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी थी कि कुछ लोग कैंसर पीड़ित की मौत के बाद उसे सड़क हादसा दिखाकर करोड़ों रुपये का क्लेम हड़प लेते हैं। जिस पर एसटीएफ की सोनीपत इकाई ने 19 अप्रैल को गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा था। जिसमें सरगना गांव सेवली निवासी पवन, रिंढाना निवासी मोहित व गुमाना निवासी विकास थे। बाद में सुमित, प्रदीप व प्रमोद को पकड़ा था। बारोटा चौकी में नियुक्त हवलदार अशोक व कैंसर पीड़ित पत्नी की मौत के बाद उसका क्लेम ले चुके आरोपी बेरी गांव निवासी चांद को भी गिरफ्तार किया था। शनिवार देर शाम एसटीएफ प्रभारी सतीश देशवाल की टीम ने मूलरूप से हिसार के गांव धर्मखेड़ी फिलहाल रोहतक के सेक्टर-2 का रहने वाले पदम खर्ब, धर्मखेड़ी के रहने वाले नरेश व लिवासपुर के रहने वाले जोनी सरोहा को काबू किया था। पदम खर्ब की पहचान सेवली के पवन के साथ हुई थी। पवन पीजीआई में कैंसर पीड़ितों के बारे में पता लगाने गया था। जहां पर पदम भी अपने परिचित कैंसर पीड़ित के साथ आया था। वहां पर पवन ने उसकी बातचीत हुई और उसने परिचित का बीमा कराने के साथ ही वह गिरोह में शामिल हो गया था। उसने अपने गांव के नरेश को भी गिरोह में शामिल कर लिया था। नरेश ने भी उन्हें कई कैंसर पीड़ितों के परिजनों से मिलवाया था। वहीं लिवासपुर का जोनी पवन की गाड़ी पर चालक था। बाद में वह भी गिरोह में शामिल हो गया था।
सोमवार को एसटीएफ को मामले में हिसार के सामान्य अस्पताल के डॉक्टर अमित को गिरफ्तार कर लिया है। डॉ.अमित पदम खर्ब के कहने पर गिरोह के लिए काम करने लगा था। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ के बाद अन्य सबूतों व आरोपियों का खुलासा कर सकती है।
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पदम खर्ब का सहपाठी है डॉ.अमित
एसटीएफ सोनीपत प्रभारी सतीश देशवाल ने बताया कि पदम खर्ब व डॉ.अमित दोनों ही सहपाठी हैं। पदम खर्ब को पता था कि उसका साथी हिसार के सामान्य अस्पताल में कार्यरत है। जब वह गिरोह के सरगना पवन से मिला तो वह भी उनके गिरोह में शामिल हो गया। उसके बाद उसने हिसार क्षेत्र के कैंसर पीड़ितों के शवों का सौदा करना शुरू कर दिया। इसमें उसका मददगार डॉ.अमित बना। अमित से मिलकर पदम खर्ब ने हिसार के सामान्य अस्पताल में करीब 10 कैंसर पीड़ितों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें हादसे में मौत दिखाया है। उसे एक पोस्टमार्टम की एवज में डेढ़ लाख रुपये मिलते थे।
कैंसर पीड़ित की मौत को हादसा दिखाकर क्लेम लेने के मामले में हिसार सामान्य अस्पताल के डॉक्टर अमित को गिरफ्तार किया है। उस पर एक पोस्टमार्टम के लिए डेढ़ लाख रुपये लेकर कैंसर पीड़ित की मौत को हादसे में मौत दिखाने का आरोप है। उसे रिमांड पर लिया है। पूछताछ में कई तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
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शमशेर सिंह, डीएसपी क्राइम ब्रांच।
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