सोनीपत। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मियों में मानवता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। यही कारण है कि एक गर्भवती को तीन दिन तक भर्ती रखने के बाद प्रसव पीड़ा ज्यादा होने पर अचानक डिलीवरी नहीं करा पाने की बात कहते हुए बाहर निकाल दिया गया। परिजन अस्पताल में डिलीवरी कराने की बात पर अड़े रहे तो गर्भवती को जबरन फर्श पर लेटा दिया गया। जहां वह काफी देर तक तड़पती रही तो परिजन लगातार कर्मियों और चिकित्सकों से मिन्नत करते रहे। उसके बाद भी गर्भवती को भर्ती नहीं कराया गया तो परिजनों ने हंगामा कर दिया और उसके बाद गर्भवती को मुरथल रोड पर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां महिला ने बच्ची को जन्म दिया।
पति का आरोप- डिलीवरी के समय पत्नी को दूसरी जगह लेकर जाने को कहा
गांव सलीमसर माजरा के रहने वाले सुनील कुमार ने बताया कि वह मंगलवार सुबह पत्नी साधना को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में लेकर पहुंचा था। डिलीवरी होने में अभी समय बताकर बुधवार को उसे छुट्टी दी गई। अगले दिन वीरवार को उसकी पत्नी साधना को ज्यादा प्रसव पीड़ा होने लगी तो वह दोबारा से उसे लेकर अस्पताल में पहुंचा, जहां उसे गायनी वार्ड में भर्ती कराया। सुनील का आरोप है कि शनिवार दोपहर बाद जब डिलीवरी होने का समय आया तो स्टाफ कर्मियों व चिकित्सक ने पत्नी साधना को वहां से किसी अन्य जगह लेकर जाने के लिए कह दिया।
अस्पताल के कर्मियों ने पत्नी को बैड से उतारकर बाहर फर्श पर लेटाया
इस तरह तीन दिन भर्ती रखने के बाद अचानक दूसरी जगह लेकर जाने के लिए कहा गया तो उन्होंने अस्पताल में डिलीवरी कराने की बात कही। आरोप है कि स्टाफ कर्मियों ने उसकी पत्नी को बैड से उतारकर बाहर फर्श पर लेटा दिया और वहां से लेकर जाने के लिए कह दिया।
जहां उसकी पत्नी प्रसव पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन उसकी पत्नी को भर्ती नहीं किया गया। इस पर परिजनों ने गायनी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक व स्टाफ कर्मियों के खिलाफ हंगामा करना शुरू कर दिया।
मुरथल रोड स्थित प्राइवेट अस्पताल में हुई डिलीवरी
लोगों के समझाने के बाद परिजनों ने महिला साधना को अपनी कार में बैठाकर मुरथल रोड पर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां साधना की सामान्य डिलीवरी हुई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया। सुनील कुमार ने बताया कि डिलीवरी के दौरान पत्नी के साथ बरती गई लापरवाही को लेकर वह सिविल सर्जन को शिकायत देगा और चिकित्सक व स्टाफ कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
पति मिन्नत करता रहा, अस्पताल में किसी ने नहीं सुनी फरियाद
सुनील ने बताया कि जब उसकी पत्नी साधन को बाहर फर्श पर लेटा दिया गया तो उसे प्रसव पीड़ा बढ़ने लगी। उसने अस्पताल में मौजूद चिकित्सक व कर्मियों के सामने पत्नी को भर्ती करके डिलीवरी कराने की मिन्नत करता रहा। लेकिन उसकी फरियाद नहीं सुनी गई और उसे वह पत्नी को वहां से लेकर जाने के लिए कहते रहे। उसका आरोप है कि उसके साथ कुछ कर्मियों ने अभद्रता करते हुए वहां से भगा देने के लिए कह दिया। जिसके बाद ही उसने गाड़ी का इंतजाम किया और वह पत्नी को प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचा।
गायनी वार्ड से गर्भवती को बाहर निकालकर बैड से फर्श पर लिटाने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर कोई इस संबंध में शिकायत आती है तो तुरंत मामले की जांच कराई जाएगी। जिसमें किसी की लापरवाही मिलती है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन।