गोहाना। अरुणाचल प्रदेश की चीन सीमा के पास से लापता हुए भारतीय वायुसेना के विमान एएन-32 का मलबा सियांग जिले में मिलने के बाद भी भारतीय वायुसेना की टीम मलबे तक नहीं पहुंच सकी है। सियांग जिले के जिस जंगल में मलबा मिला है वहां पर मौसम खराब होने के चलते विमान के मलबे तक नहीं पहुंचा जा सका है। जिससे बचाव कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है। इससे विमान में सवार होकर गए गांव कोहला में पंकज के परिजनों को बेटे की चिंता रही है। परिजन उसके सकुशल आने की लगातार प्रार्थना कर रहे हैं।
विदित रहे कि असम के जोरहाट एयरबेस से 3 जून को उड़ान भरने वाला वायुसेना का विमान अचानक लापता हो गया था। विमान में कोहला गांव का पंकज सांगवान भी सवार था। मंगलवार को वायुसेना अधिकारियों ने पंकज के परिजनों को सूचना दी है कि विमान का मलबा सियांग जिले में मिला है। हालांकि मलबा जहां मिला है वहां पर घना जंगल है। साथ ही मौसम खराब होने से मलबा के पास पहुंचा नहीं जा सका है। जिसके बाद से परिजनों को बेटे की चिंता सता रही है। पिता धर्मबीर सांगवान ने बताया कि उन्होंने बुधवार को वायु सेना अधिकारियों से बातचीत की थी। मौसम की खराबी के चलते राहत व बचाव कार्य बाधित है।
जंगल में चल रही आंधी बनी मुसीबत
पंकज के परिजनों का कहना है कि सेना के अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि विमान के लापता होने के बाद से ही सेना के हेलीकाप्टर लगे हुए हैं। जंगल में आंधी व मौसम खराब के चलते हेलीकाप्टर को उड़ाने में दिक्कत आ रही है। जल्द राहत कार्य शुरू किया जाएगा।
मलबे तक पहुंचने में लगेगा समय
परिजनों के अनुसार वायु सेना के अधिकारी कह रहे हैं कि विमान के मलबे तक पहुंचने में अभी समय लगेगा। विमान को खोजने के लिए वायुसेना, आर्मी के साथ पर्वतारोही टीम शामिल हैं। लेकिन टीम को खराब मौसम के चलते कोई रास्ता नहीं मिल रहा है। ऐसे में विमान के मलबे तक पहुंचना उनके लिए चुनौती बना हुआ हैं। फिर भी वह लगातार कोशिश कर रहे हैं।