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भैंसवाल कलां में सचिव उसकी पत्नी की हत्या ने खोली पुलिस की नाकामी की पोल

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गोहाना (सोनीपत)। गांव भैंसवाल कलां में को-ऑपरेटिव बैंक में सचिव होशियार सिंह और उनकी पत्नी की हत्या में पुलिस की नाकामी सामने आ रही है। सचिव के भाई की हत्या महज चार दिन पहले की गई थी। उसके बाद भी पुलिस प्रशासन नहीं चेता और आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम है। पुलिस ने पीड़ितों को सुरक्षा मुहैया कराने में भी कोताही बरती। अगर बलबीर के साथ ही होशियार सिंह के परिवार को भी सुरक्षा मिलती तो उनकी जान बच सकती थी। जबकि होशियार सिंह ने सुरक्षा की मांग भी की थी।
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गांव भैंसवाल कलां निवासी होशियार सिंह व उनकी पत्नी निर्मला की शनिवार तड़के हमलावरों ने उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी। होशियार सिंह को चार व उनकी पत्नी को एक गोली मारी गई है। होशियार सिंह के भतीजे प्रवीण की वर्ष 2017 में गोली मारकर हत्या की गई थी। उसके बाद अब चार दिन पहले 4 जून की रात को प्रवीण के पिता बलबीर की गोली मारकर हत्या की गई थी। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे हमलावरों ने उसे बाहर निकालकर गली में गोलियां मारी थीं। घटना के चार दिन बाद ही बलबीर के भाई व भाभी की हत्या पुलिस के नाकामी की कलई खोल रही है। बलबीर की हत्या के बाद पुलिस ने उसके परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षा नहीं दी। न ही पुलिस मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार कर सकी। जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। पुलिस पूरी तरह तमाशबीन बनी रही और हमलावर चार दिन बाद ही दोबारा से बड़ी घटना को अंजाम देकर आसानी से निकल गए।
भैंसवाल में हत्या के आधा घंटे बाद कटवाल में की हत्या
बेखौफ बदमाशों के आगे पुलिस पूरी तरह से पस्त होकर रह गई। साढ़े तीन बजे गांव भैंसवाल में दंपती की हत्या करने के बाद भी बदमाश आसपास के क्षेत्र में रहे और आधे घंटे बाद पड़ोसी गांव कटवाल में जाकर पुरानी रंजिश में ही किसान की हत्या कर दी। आसपास के गांवों में तीन हत्या करने के बाद भी बदमाश आसानी से निकल गए।
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होशियार सिंह कर चुका था सुरक्षा की मांग
भाई की हत्या के बाद होशियार सिंह को भी खतरा महसूस होने लगा था। परिजनों का कहना है कि बलबीर का बेटा दूसरे पक्ष के तीन युवकों की हत्या के आरोप में जेल में है तो होशियार का बेटा सतपाल भी उसके साथ गिरफ्तार हुआ था। दोनों पर दूसरे पक्ष के तीन युवकों की हत्या का आरोप है। बलबीर की हत्या के बाद होशियार को भी अपनी जान का खतरा था। उसने सुरक्षा के लिए पुलिस को गुहार लगाई थी। उसे कोई सुरक्षा नहीं दी गई। हालांकि पुलिस अधिकारी इससे सिरे से मना कर रहे है। उनका कहना है कि होशियार सिंह ने सुरक्षा कोई मांग नहीं की थी। अगर उसकी तरफ से मांग की जाती तो उसे सुरक्षा दे दी जाती।
पुलिस ने बलबीर की पत्नी को सुरक्षा मुहैया करा रखी है। शुक्रवार रात को गनमैन बलबीर के घर पर ही था। अन्य ने सुरक्षा की कोई मांग नहीं की थी। अगर वह मांग करते तो सुरक्षा मुहैया करा दी जाती। पुलिस लगातार हमलावरों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही थी।
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हंसराज, डीएसपी गोहाना।
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