सोनीपत। कुंडली थाना क्षेत्र के एक गांव में चार साल की बच्ची से दुराचार करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने दोषी को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा ने करने पर दोषी को दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
कुंडली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने बच्ची संग दुराचार का मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि उनके गांव का सुनील उर्फ बिल्लू बिजली का काम करता था और वह पिछले कई सालों से उनके घर आता था। इस कारण ही उनके बच्चे सुनील को दादा कहते थे। उसने बताया कि 5 अगस्त 18 को वह घर पर चक्की ठीक करने के लिए आया था। जब बिल्लू घर पर काम कर रहा था तो वह किसी काम से बाहर चली गई। इस बीच उसने उसकी चार साल की बच्ची को घर में अकेला देखकर दुराचार किया। उसके घर में वापस आने पर सुनील उसे देखकर भाग गया। बच्ची की अचानक तबीयत खराब हो गई। उसने मामले से अपने पति को अवगत कराया। जिस पर बच्ची को लेकर वह अस्पताल में गए। जहां उसका उपचार करवाया गया। चिकित्सकों ने बच्ची के साथ दुराचार की बात उनको बताई। इस मामले में शिकायत मिलने पर कुंडली थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। उसके बाद से यह मामला कोर्ट में चल रहा है। जिसमें बुधवार को सुनवाई करते हुए एएसजे डीआर चालिया की अदालत ने सुनील उर्फ बिल्लू को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए 20 साल कैद सजा सुनाई है और उसपर 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।