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मासूमों पर कम नहीं हो रहा अत्याचार, पोक्सो एक्ट के केसों में नहीं आ रही कमी

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत।
मासूमों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसमें दुराचार के संगीन मामले भी शामिल हैं। पोक्सो एक्ट बनने के बाद इसके तहत दर्ज मामलों में कोई कमी नहीं आ रही है। मासूम बेटियां अपने घरों में भी सुरिक्षत नहीं हैं। कई मामलों में सामने आया है कि आस पड़ोस के लोगों के साथ ही अपने भी उनकी आबरू के दुश्मन बन गए। पोस्को एक्ट के तहत इस वर्ष में भी 47 केस दर्ज हो चुके हैं। इस पर नकेल कस पाने में पुलिस भी कोई ठोस रणनीति पर काम नहीं कर पा रही है। बच्चियों के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न में पुलिस पोस्को के तहत केस दर्ज करती है। उसके बावजूद इसे पूरी तरह रोका नहीं जा पा रहा है। जिले में पांच साल के दौरान पोस्को एक्ट में करीब 226 केस दर्ज किए गए हैं। जिसमें ज्यादातर में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन उसके बावजूद इस तरह के मामलों में कमी ला पाना पुलिस के लिए भी चुनौती बन चुका है।

घर और पड़ोस कहीं नहीं सुरक्षित
मासूमों के साथ हुए दुराचार के मामलों में सामने आया है कि घर हो या पड़ोस वह कहीं भी सुरक्षित नहीं है। 90 प्रतिशत मामलों में कोई अपना या पड़ोस का ही आरोपी मिलता है। इसमें चचेरे भाई, सौतेले पिता व मौसा तक पर केस दर्ज हुए हैं। जिसे साफ है कि बच्चियां अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।
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सोनीपत में पोक्सो के तहीत दर्ज हुए केस
वर्ष 2013 - 47
वर्ष 2014 - 43
वर्ष 2015 - 37
वर्ष 2016 - 51
वर्ष 2017 (नवंबर तक) : 47

जिले में छह साल में सामने आए दुष्कर्म के मामले
वर्ष 2012 - 32
वर्ष 2013 - 52
वर्ष 2014- 57
वर्ष-2015- 59
वर्ष-2016- 66
वर्ष-2017- 32 सितंबर तक

दुराचार के चर्चित मामले
सौतले पिता ने सात साल की बच्ची से किया रेप
बहालगढ़ स्थित कालोनी में जुलाई माह में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया था। महिला ने बताया था कि उसने दूसरी शादी थी। उसके दूसरे पति ने उसकी सात साल की बेटी को ही हवस का शिकार बना डाला।
पड़ोसी व रिश्ते में चचेरे भाई ने कर दिया मासूम को गर्भवती
खरखौदा के एक गांव में पड़ोसी व रिश्ते में चचेरे भाई ने 14 साल की लड़की से कई बार दुष्कर्म किया। आरोपी लड़की के घर घुसकर रेप करते थे। जिससे वह गर्भवती हो गई थी। उसने बच्ची को जन्म दिया और बाद में बच्ची की मौत हो गई थी।
दुष्कर्म के बाद दरिंदगी ने सभी को झकझोरा
इस वर्ष मई माह में सोनीपत से युवती का अपहरण कर रोहतक में सामूहिक दुष्कर्म के बाद हैवानियत किए जाने के मामले ने सभी को झकझोर कर रखा दिया था। आरोपियों ने मासूम का बेरहमी से कत्ल कर दिया था।
गन्नौर व राई में पड़ोसी बने थे हैवान
गन्नौर व राई में पड़ोसी हैवान बन गए थे। जीटी रोड पर गन्नौर में एक शर्मशार करने वाले मामले में पड़ोसी किराएदार ने घर में अकेली 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर दिया था। वहीं राई के गांव में पड़ोसी ने पटाखे दिलाने के बहाने सात साल की बच्ची से रेप का प्रयास किया था।

मौसा व रिश्ते के मामा ने की हैवानियत
वर्ष 2016 में सोनीपत में रिश्ते में मौसा ने नौ साल की बच्ची से दुष्कर्म किया था। दोषी को सजा मिल चुकी है। वहीं गोहाना में रिश्ते में मामा ने दो नाबालिग बहनों को अगवा कर बड़ी से दुष्कर्म व छोटी से दुष्कर्म का प्रयास किया था।

जिले में पर्याप्त नहीं महिला पुलिस
जिले में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या अपर्याप्त है। जिसके चलते भी महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने में दिक्कत आ रही है। जिले में एक प्रोबेशनर डीएसपी, चार इंस्पेक्टर, आठ एसआई, आठ एएसआई, 10 मुख्य सिपाही व 146 सिपाही हैं। इनमें से डेपूटेशन या कोर्स के लिए 68 पुलिस कर्मी जिले में सेवा नहीं दे रही हैं। ऐसे में 108 पुलिस कर्मी ही नियुक्त हैं।

बच्चों को बनाना होगा संस्कारवान, देना होगा समय
जीवीएम कालेज की एसोसिएट प्रोफेसर एवं मनोवैज्ञानिक डॉ.जैसमिन कहती हैं कि बच्चों में बेहतर संस्कार व नैतिकता को बढ़ाना बेहद आवश्यक है। मां-बाप को छोटी उम्र में ही लड़कों को अच्छे संस्कार देने होंगे। उन्हें समय देकर उनसे बातचीत करनी होगी। ताकि वह बाहर गलत संगत में जाकर कुछ गलत कदम न उठाएं। बच्चे की बारीकी से निगरानी रखनी होगी। वर्तमान में इंटरनेट के दौर में उसकी मानसिकता को समय पर बेहतर नैतिक मूल्यों से सींचने की जरूरत है। बच्चों को यौन शिक्षा देनी होगी। ताकि कुछ गलत होने व दिखाई देने पर वह तुरंत अपने अभिभावक को बता सकें।
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पुलिस करती है तुरंत कार्रवाई : सतेंद्र गुप्ता
यौन हिंसा रोकने को लेकर पुलिस लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। महिला हेल्पलाइन-1091 को सुचारू किया गया है। थानों में महिला डेस्क बनाए गए हैं। मामले सामने आने पर तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाता है। स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित कर जागरूक किया जाता है।
सतेंद्र गुप्ता, एसएसपी
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