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कैंसर पीड़ितों का बीमा कराता था गिरोह, मौत होने पर गाड़ी से कुचलकर परिवार संग मिल ऐंठते थे रुपये

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सोनीपत। एसटीएफ सोनीपत की टीम ने मानवता को शर्मसार करने वाले एक ऐेसे गिरोह का खुलासा किया है जोकि कैंसर पीड़ितों का पता लगाकर उनका बीमा कराता था। बाद में मौत होने पर उसे सड़क दुर्घटना में मृत दिखाकर परिवार के साथ मिलकर क्लेम के लाखों रुपये ऐंठता था। करीब आठ केसों का खुलासा भी किया है जिसमें वह करोड़ों रुपये ऐंठ चुका है। एसटीएफ ने गिरोह के सरगना समेत तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गांव सेवली निवासी पवन, गांव रिढ़ाना मोहित व गुमाणा निवासी विकास हैं। आरोपी बीमा कराने के बाद कैंसर पीड़ित की मौत होने के बाद उसके शव को कहीं दूसरी जगह ले जाकर गाड़ी से कुचल देते थे। जिसके बाद बीमा कंपनी से बीमा राशि के रूप में मोटी नकदी ऐंठते थे। गोरखधंधे में पुलिस कर्मचारियों व डाक्टरों की मिलीभगत का भी आरोप है। दावा है कि इस तरह ठगी का यह पहला मामला हो सकता है। एसटीएफ ने फिलहाल इस तरह के आठ मामलों के खुलासा किया है। साथ ही दावा किया है कि इनकी संख्या 100 से अधिक हो सकती है।
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एसटीएफ के डीएसपी राहुल देव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि भारती एक्सा बीमा कंपनी ने डीजीपी क्राइम पीके अग्रवाल व डीआईजी बी सतीश बालन को शिकायत दी थी कि कुछ लोग कैंसर के मरीजों का बीमा कराने के बाद उनकी मौत के बाद उसे हादसा दिखाकर धोखाधड़ी से क्लेम राशि ले रहे हैं। जिसकी जांच सोनीपत एसटीएफ को दी गई। जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना पवन, मोहित व विकास को रोहतक के पास से गिरफ्तार किया है। तीनों उन कैंसर पीड़ितों का पीजीआई में रिकार्ड नष्ट करने जा रहे थे जिनकी हादसे में मौत दिखा चुके थे। तीनों को गिरफ्तार करने के बाद उनके खिलाफ सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज कराया गया है। इसमें भारती एक्सा के साथ ही इफको टोक्यो, पीएनबी मेट लाइफ, एलआईसी, आईसीआईसीआई लाम्बर्ट, एचडीएफसी एर्गो, इडलवाइस टोक्यो, एएक्सए, केनरा, कोटक, एचएसबीसी, मैक्स लाइफ, फ्यूचर जेन, बजाज फाइनेंस, एलवाईएफ, अपोलो मुनिच व बिरला सन लाइफ आदि के साथ धोखाधड़ी हो सकती है। फिलहाल टीम ने आठ मामलों का खुलासा किया है। साथ ही यह आंकड़ा 100 से अधिक होने का शक जताया है।
बीस से तीस लाख का कराते थे एक क्लेम
एसटीएफ का कहना है कि पकड़े गए आरोपी एक क्लेम बीस से तीस लाख रुपये का कराते थे। इसमें तय किया जाता था कि एक क्लेम में उन्हें कितना मिलेगा। एक क्लेम में वह आठ से दस लाख रुपये तक हड़पते थे। बाकी परिजन और अन्य खर्चों में चला जाता था।
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सौ से अधिक मामलों का होगा खुलासा
एसटीएफ के डीएसपी राहुल देव ने बताया कि सरगना पवन व उसके साथी पहले कैंसर पीड़ितों की तलाश करते थे और फिर परिजनों से मिलकर उसका बीमा कराते थे। मौत होने पर उनका एक्सीडेंट कराकर क्लेम के रूप में नकदी ऐंठते थे। इस तरह के आठ मामले अब तक सामने आए हैं। ऐसे धोखाधड़ी करीब 100 मामले सोनीपत, रोहतक, झज्जर, हिसार, करनाल, पानीपत व अन्य जिलों में मिल सकते हैं। गिरोह में 15 से 20 लोग शामिल हो सकते हैं। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। मामले में शामिल डाक्टर, पुलिस व अन्य का भी जल्द खुलासा किया जाएगा।
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