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बिल्डिंग इंस्पेक्टर व क्लर्क को घसीटकर कमरे में लेकर गए, घंटों बंधक बनाकर पीटा, पुलिस ने जाकर छुड़वाया

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अवैध निर्माण की जांच करने पहुंचे बिल्डिंग इंस्पेक्टर और क्लर्क को कमरे में बंधक बनाकर पीटा
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। पटेल नगर में बनाई जा रही बिल्डिंग की जांच करने पहुंचे नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर और क्लर्क को रास्ते से घसीटकर कमरे में ले गए और वहां बंधक बनाकर मारपीट की। इस बारे में किसी ने नगर निगम में सूचना दी तो वहां से दूसरा बिल्डिंग इस्पेक्टर, सहायक अभियंता व जेई भी पहुंच गए और उनको छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं छोड़ा। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी गई। पुलिस ने पहुंचकर दोनों को बंधन मुक्त कराया। इसके बाद एक महिला समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं उस परिवार की महिलाओं ने घटना के बाद सदर थाने में पहुंचकर बिल्डिंग इंस्पेक्टर व क्लर्क पर आरोप लगाए, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई से बचने के लिए आरोप लगाए जाने की बात कही है।
नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर अनिल मलिक व क्लर्क अक्षय कुमार बुधवार को पटेल नगर में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। बनाए जा रहे भवन का नक्शा मांगा तो वहां मौजूद संदीप नाम के युवक ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर से पहले आई कार्ड दिखाने के लिए कहा। बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने अपना आई कार्ड दिखाया, लेकिन उसके बाद भी नक्शा नहीं दिखाया। इसके बाद उनका कार्ड छीनकर गाली-गलौच शुरू कर दी। इसके बाद उन दोनों को रास्ते से घसीटकर कमरे में ले गए और वहां उनको बंधक बनाकर पिटाई शुरू कर दी। इसी समय किसी तरह नगर निगम में सूचना दी गई तो वहां से दूसरे बिल्डिंग इंस्पेक्टर आनंद किशोर व सुरेश कुमार, सहायक अभियंता सतीश कुमार, जेई प्रवेश भी वहां पहुंच गए। इन सभी ने उनको दोनों को बंधन मुक्त करने के लिए कहा, लेकिन उनको छोड़ने से मना कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अनिल व अक्षय को बंधन मुक्त कराकर थाने लाई। अनिल कुमार की ओर से सरोज, संदीप, पवन के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने के साथ ही सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कराया है।
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महिलाओं ने थाने पहुंचकर अभद्रता के आरोप लगाए
जब निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर अनिल व क्लर्क अक्षय को पुलिस थाने लेकर पहुंची तो उनके पीछे आरोपियों के परिवार की कई महिलाएं भी पहुंच गई। सदर थाना एसएचओ रमेश चंद्र ने बताया कि उन महिलाओं ने कार्रवाई से बचने के लिए नगर निगम वालों पर अभद्रता करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। लेकिन वहां आसपास छानबीन करने पर ऐसा कुछ नहीं मिल सका और आरोपियों ने बंधक बनाकर मारपीट की घटना को अंजाम दिया।
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