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कुख्यात सतीश उर्फ मोना को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा

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कुख्यात सतीश उर्फ मोना को हत्या में उम्रकैद की सजा
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-होली के दिन दिया था हत्या की वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.अश्वनी कुमार की अदालत ने किलोहड़द में होली के दिन व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में कुख्यात सतीश उर्फ मोना को दोषी करार दिया है। दोषी को उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में पांच अन्य आरोपियों का बरी कर दिया गया।
गांव किलोहड़द निवासी नवीन ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता ईश्वर सिंह (50) की होली के दिन 23 मार्च, 2016 को करीब 11 बजे गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने साथियों के साथ ऑटो में सवार होकर मुरथल स्थित बाबा बावरिया पर जाने के लिए निकले थे। नवीन के गांव के ही सतीश उर्फ मोना, हरीचंद व चार अन्य के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया था। ईश्वर से पहले ही उनके बेटे प्रवीण व भतीजे संदीप की भी हत्या हो चुकी है। जिसमें भी सतीश उर्फ मोना ही नामजद था। ईश्वर की हत्या के बाद परिजनों ने उसका शव लेने से मना कर दिया था। तीन दिन बाद पुलिस के आश्वासन के बाद शव को लिया गया था। घटना के बाद परिजनों ने जमकर बवाल काटा था और जाम भी लगाया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए गांव किलोहड़द निवासी सतीश उर्फ मोना, वीरेंद्र व प्रवीणा, झज्जर के गांव लाडपुर निवासी सुरेंद्र, हिसार के बालसमंद निवासी अरविंद व लाठ निवासी संदीप को गिरफ्तार किया था। बाद में आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।
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एडीए राजीव कठपालिया ने बताया कि शुक्रवार को मामले की सुनवाई के बाद एएसजे डा.अश्वनी ने आरोपी सतीश उर्फ मोना को दोषी करार दिया है। सतीश उर्फ मोना को अदालत ने हत्या के मामले में उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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