अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने वाल्मीकि बस्ती में युवक की हत्या के मामले में दोषी उसके चचेरे भाई व साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 2.10-2.10 लाख रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि लाल दरवाजा स्थित वाल्मीकि बस्ती निवासी रोहित ने 5 फरवरी, 2017 को सिटी थाना में शिकायत दी थी कि उसका भाई विजय उर्फ बबलू (25) 4 फरवरी, 2017 की रात को अपने चचेरे भाई रवि उर्फ डब्बू के घर पर था। रवि ही उसे घर से बुलाकर ले गया था। वहां पर रवि व उसके तीन अन्य साथियों ने विजय को शराब पिलाई थी और बाद में उसके साथ झगड़ा कर उसके सिर में लोहे की राड व गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस दौरान चली गोली में रवि भी घायल हो गया था। रवि को अस्पताल में इलाज दिलाया गया था। पुलिस ने मामले में रोहित के बयान पर रवि उर्फ डब्बू, जसवंत उर्फ जस्सू व अन्य को नामजद किया था।
तिहरे हत्याकांड से जोड़कर देखा गया था विजय हत्याकांड
मामले में विजय के परिजनों का आरोप था उसकी हत्या महाबीर, उसके बेटे रवींद्र उर्फ मोंटी और बेटी नीतू की हत्या के चलते हुई है। उस मामले में महाबीर के परिजनों ने विजय पर तिहरे हत्याकांड में शामिल होने का शक जताया था। हालांकि पुलिस जांच में विजय शामिल नहीं पाया गया था। उसके बाद भी वह रंजिश बनाए थे।
अदालत ने यह सुनाई सजा
मामले में एएसजे डा. सुशील कुमार की अदालत ने सोमवार को दोनों युवकों को दोषी करार दिया था। बुधवार को मामले में सजा सुनाते हुए अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। दोनों दोषियों पर अदालत ने भादसं की धारा 302 व 34 आईपीसी में उम्रकैद व दो-दो लाख रुपये जुर्माना तथा अवैध शस्त्र अधिनियम में तीन साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया है। दोनों सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।