खाकी वर्दी का रौब झाड़ने वाले कुछ पुलिसकर्मियों को कई बार दिक्कत उठानी पड़ जाती है। एक उदाहरण सोमवार का ही है। स्वामी विवेकानंद चौक पर बाइक सवार तीन युवकों को रोकने के लिए डंडा अड़ाना एक पुलिसकर्मी को भारी पड़ गया। डंडे के कारण बाइक असंतुलित हो गई और तीनों युवक सड़क पर आ गिरे। इसके बाद युवकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। डंडा अड़ाने वाले पुलिस कर्मी के साथ तू-तू, मैं-मैं होते हुए नौबत हाथापाई तक पहुंच गई थी। सूचना पर थाना सिविल लाइन प्रभारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराया। थाना प्रभारी इसके बाद तीनों युवकों को थाना सिविल लाइन ले जाए। जहां पर युवकों के परिजनों को भी बुलाया गया। तीनों युवक शिकायत दर्ज कराने के लिए अड़े रहे, लेकिन जब थाना प्रभारी के कहने पर डंडा अड़ाने वाले पुलिसकर्मी ने माफी मांगी तब जाकर युवक शांत हुए। बता दें कि इस पूरे मामले के दौरान विवेकानंद चौक पर भी काफी हंगामा हुआ था। यातायात भी काफी देर तक बाधित रहा था। तीनों युवक महलाना गांव के रहने वाले थे। जिन्होंने बाइक से गिरने के बाद पुलिस की गाड़ी और पुलिसकर्मियों वीडियो बनानी भी शुरू कर दी थी, हालांकि बाद में यह वीडियो डिलीट कर दी गई।
हो सकता था बड़ा हादसा
मौके पर खड़े प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जिस तरह से पुलिसकर्मी ने बाइक रुकवाने के लिए डंडा अड़ाया था, उससे बड़ा हादसा हो सकता था। यी तो बाइक चालक ने फिर भी सूझबूझ से काम लिया। इसी वजह से नीचे गिरने पर भी तीनों युवकों को खास चोटें नहीं आई। अगर चालक सूझबूझ से काम न लेता था तीनों युवकों को गंभीर चोटें आ सकती थी, क्योंकि व्यस्त मार्ग होने के चलते कई गाड़ियां आती-जाती रहती हैं।
थाना प्रभारी बोले नहीं दी कोई शिकायत, हो गया समझौता
इस मामले में जब थाना प्रभारी वीरेंद्र राव से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि झगड़े की सूचना पर वे विवेकानंद चौक पर पहुंचे थे। इसके बाद तीनों युवकों को थाना सिविल लाइन लाया गया और उनके परिजनों को भी बुलाया गया। दोनों पक्षों को संतुष्ट किया गया है, इसीलिए किसी ने कोई शिकायत नहीं दी। वीरेंद्र राव ने बताया कि तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर जा रहे थे, सामने से चालान कटता देखा तो भागने की कोशिश की। इसी के चलते बाइक असंतुलित हो गई। डंडा अड़ाने वाली कोई बात नहीं है।