सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके गुप्ता की अदालत ने लोन की किस्त लेकर आ रहे निजी बैंक कर्मी से लूटपाट करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को पांच साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 10 माह अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि 23 अक्तूबर, 2017 को पानीपत की खटीक बस्ती के रहने वाले अनिल ने राई थाना में शिकायत दी थी कि वह उज्जीवन स्मॉल बैंक सोनीपत में कस्टर रिलेशन अधिकारी के पद पर कार्यरत है। वह घटना के दिन बाइक पर लोन की किस्त लेने के लिए भैंरा बांकीपुर गांव गया था। उसने वहां बैंक से लोन लेने वाले लोगों से 73435 रुपये किस्त के रूप में लिए थे। जब वह सोनीपत आ रहा था तो बढख़ालसा के पास दो युवकों ने उसे रोक लिया था। वह उसका नकदी से भरा बैग छीनने लगे तो वह उतरकर भागने लगा था। एक युवक ने उसका पीछा किया तो उसने बैग को फेंक दिया था। जिस पर युवक उसका बैग लेकर भाग गया था। उसके बैग में नकदी के साथ ही कंपनी का टैब व बाइक के कागजात भी थे। राई थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।
बाद में एसआईटी शाखा में नियुक्त तत्कालीन एचसी मनमोहन ने 29 अक्तूबर, 2017 को गांव भैरा बांकीपुर निवासी कृष्ण उर्फ केडी को गिरफ्तार किया था। उसे जीटी रोड बढख़ालसा के पास से तमंचे व दो कारतूस सहित काबू किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने करीब एक दर्जन वारदातों में अपनी संलिप्तता कबूल की थी। जिसमें अनिल के साथ हुई लूटपाट की वारदात भी शामिल थी। मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे आरके गुप्ता की अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी कृष्ण उर्फ केडी को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे पांच साल कैद व 10000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर 10 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।