सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) डॉ. डीआर चालिया की अदालत ने बिहार की रहने वाली किशोरी को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 10 साल कैद व 10000 रुपये जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना न देने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। किशोरी ने मामले को लेकर चडीगढ़ में जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। जिस पर वहां से जांच सोनीपत पुलिस के पास भेजी गई थी।
विदित रहे कि 8 नवंबर, 2018 को सिटी थाना में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें बिहार की रहने वाली 15 वर्षीय लड़की ने पुलिस को बताया था कि उसकी चार माह पहले सोनीपत के मयूर विहार की गली नंबर 4 में रहने वाले श्याम पासवान से जान पहचान हो गई थी। आरोपी मूलरूप से बिहार के जिला मुजफ्फरपुर के गांव कांटा का रहने वाला था। मोबाइल पर रांग नंबर मिलने के बाद हुई जान पहचान के चलते वह युवक से बातचीत करने लगी थी। बाद में जब उसके पिता को इसका पता लगा तो उन्होंने उसकी पिटाई कर दी थी। पिता द्वारा पिटाई के बाद वह घर से निकल गई थी। उसने श्याम से संपर्क किया था। जिस पर श्याम ने उसे कहा कि वह दिल्ली की टिकट लेकर ट्रेन में दिल्ली आ जाए। वह ट्रेन में सवार होकर दिल्ली पहुंची थी तो वहां उसे श्याम का दोस्त किशन मिला था। वह तीन दिन तक उसके साथ कमरे में रही थी। बाद में वह उसे सोनीपत श्याम के पास छोड़कर चला गया था। श्याम ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। कई दिन अपने पास रखने के बाद श्याम ने उसे चडीगढ़ अपने भाई नीरज के पास भेज दिया था। वह नीरज के पास जाने के बजाए सेक्टर-17 चंडीगढ़ में पहुंच गई थी। वहां 15 अक्तूबर, 2017 को उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य मिल गए थे। उन्होंने उसकी आपबीती जानने के बाद उसे एक संस्था में भेज दिया था। उसका मेडिकल होने पर दुष्कर्म होने की बात सामने आई थी। संस्था के पदाधिकारियों ने पुलिस को पत्र लिखा था। जिस पर 27 अक्तूबर, 2017 को चंडीगढ़ पुलिस ने दुष्कर्म किए जाने का मुकदमा दर्ज किया था। वहां पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में घटना सोनीपत की होने की चलते जांच सोनीपत सिटी थाना पुलिस के पास आई थी। जिस पर पुलिस ने 8 नवंबर, 2017 को आरोपी श्याम के खिलाफ दुष्कर्म व 4 पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए किशोरी को चंडीगढ़ से लेकर आने के बाद उसके कोर्ट में बयान कराए थे और सोनीपत में एक संस्था में भेज दिया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एएसआई बलवान सिंह ने आरोपी श्याम को गिरफ्तार कर लिया। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे डीआर चालिया की अदालत ने आरोपी श्याम को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे 10 साल कैद व 10000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।