सोनीपत। विधायक सुरेंद्र पंवार ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने जिन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई, उनके रहते हम सभ्य समाज के नागरिक नहीं बन पाते। देश उस महापुरुष का सदैव ऋणी रहेगा। काठ मंडी स्थित आर्य समाज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आर्य समाज के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में रविवार को विधायक सुरेंद्र पंवार ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया ने की। आर्य प्रतिनिधि सभा, हरियाणा के पूर्व प्रधान आचार्य विजयपाल मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे।
विधायक ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने मनु महाराज की पुस्तक मनुस्मृति पर जमी धूल को साफ किया। जाति-पाति का भेदभाव मिटाते हुए मनुष्य बनने का संदेश दिया। पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया ने कहा कि स्वामी दयानंद ने अपने अनुयायियों को उनकी मृत्यु के बाद समाधि नहीं बनाने के लिए कहा था। उन्हें भय था कि आगे चलकर अनुयायी उनकी समाधि पर माथा टेकने लगेंगे, जिससे उनका पत्थर पूजा के विरुद्ध आंदोलन खत्म हो जाएगा। स्वामी ने समाज को जोड़ने का काम किया, जिससे हमारी सामाजिक दूरियां खत्म हुई।
आचार्य विजयपाल ने कहा कि ब्रह्मचर्य में विशेष शक्ति होती है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को 25 वर्ष की आयु तक ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन करने से देश मजबूत होगा। भारत को विश्व गुरु का दर्जा दिलाने के लिए हमें अपने चरित्र को ऊंचा उठाना होगा। इसके बिना हम आगे बढ़ने की सोच भी नहीं सकते। आचार्य राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में चल रहे दो कुंडीय सामवेद पारायण महायज्ञ के तीसरे दिन यजमान के रूप में कपिल देव, मोनिका, अभिषेक, अलीशा, विजय, सरस्वती, मंदीप, सुषमा, संजय, ज्योति, अरुण, शैली, नवीन व प्रमिला पहुंचे। सहदेव बेधड़क व सत्यवेश आर्य ने भजन प्रस्तुत कर समा बांधा। इस मौके पर प्रधान विजय दहिया, सचिव देवराज दहिया, सुरेश बंसल, प्रेम सिंह, प्राचार्य राजबीर सिंह, देवेंद्र राठी, सुखप्रिय शास्त्री, कृष्णा कादियान, सत्यवीर विद्यालंकार और रमेश आर्य मौजूद रहे।