सोनीपत। गांव मोहाना के पास बिट्स कॉलेज में बनाए गए मतगणना केंद्र पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना पूरी की गई। सोनीपत और गोहाना विस क्षेत्र की जहां आधा घंटा देरी से मतगणना शुरू हो सकी, वहीं राई विस केंद्र पर तीन मशीनों को मतगणना के लिए खोलने में मशक्कत करनी पड़ी। केंद्र पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। हर एजेंट और अन्य समर्थकों को चेकिंग के बाद ही अंदर जाने दिया गया। वहीं मोबाइल व अन्य सामान अंदर ले जाने पर पाबंदी के चलते भी एजेंट व अन्य को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिट्स कॉलेज में वीरवार सुबह आठ बजे से छह विधानसभा सीटों के लिए मतगणना की जानी थी। सोनीपत और गोहाना विस केंद्र पर मतगणना देरी से शुरू को सकी। सोनीपत केंद्र पर जहां मतगणना 40 मिनट देरी से शुरू हुई, वहीं गोहाना में मतगणना शुरू होने में आधा घंटा लग गया। इससे पहले ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी थी। केंद्र में अंदर जाने के लिए एजेंट से लेकर मतगणना ड्यूटी में लगे कर्मियों को अंदर जाने से पहले कड़ी जांच से गुजरना पड़ा। पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात थे। इस दौरान मोबाइल व कागज-पैन तक लेकर किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। खासकर मोबाइल लेकर पहुंचे कर्मियों और एजेंट को काफी दिक्कत हुई। वे अपना मोबाइल रखने के लिए पुलिसकर्मियों से गुजारिश करते नजर आए। हालांकि पुलिस ने उनके मोबाइल रखने और अंदर ले जाने से पूरी तरह से रोक दिया। जिसके बाद कई लोग वापस जाकर अपने मोबाइल फोन रखकर वापस मतगणना के लिए केंद्र पर पहुंचे।
अलग-अलग स्थानों पर थे मतगणना केंद्र
बिट्स केंद्र में मतगणना केंद्र अलग-अलग स्थानों पर बनाए गए थे। मतगणना केंद्र तक पहुंचने के लिए सड़क पर दोनों तरफ बल्लियां और रस्सी लगाकर चौकस प्रबंध किए गए थे। उनके अंदर से गुजरकर ही मतगणना केंद्र तक जाया जा सकता था। उसमें भी जगह-जगह पुलिस ने मेटल डिटेक्टर और जवानों को खड़ा कर रखा था।
ईवीएम लाने ओर ले जाने के लिए लगी थी अलग से कर्मियों की ड्यूटी
मतगणना स्थल के पास ही ईवीएम को कड़ी सुरक्षा में रखा गया था। वहां से मतगणना केंद्र में बैठे कर्मियों तक ईवीएम लेकर जाने और गिनती के बाद उन्हें वापस सुरक्षित रखने के लिए अलग से कर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। ऐसे में टेबल अनुसार ड्यूटी में लगे कर्मी ईवीएम को लेकर आते थे और मतगणना के बाद उसे वापस लेकर जाते थे।
राई केंद्र पर तीन मशीनों को खोलने में करनी पड़ी मशक्कत
रार्ई विधानसभा क्षेत्र की मतगणना बेशक समय पर शुरू हो गई थी, लेकिन बाद में अचानक तीन ईवीएम नहीं खुल सकीं। जिस पर उन्हें बीच में वापस भेज दिया गया। अन्य ईवीएम की मतगणना के बाद विशेषज्ञ को बुलाकर तीन ईवीएम को खोला गया। जिसके बाद ही विजेता की घोषणा की गई। विजेता घोषित करने में देरी भी हो गई थी।
डीसी और एसपी लगातार करते रहे केंद्रों का निरीक्षण
मतगणना के दौरान डीसी डॉ. अंशज सिंह और एसपी प्रतीक्षा गोदारा ने मतगणना केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा के प्रबंधों का बारीकी से जायजा भी लिया।
मतगणना के दौनान रूट किया गया डायवर्ट
मतगणना को लेकर लेकर सोनीपत-गोहाना मार्ग पर रूट डायवर्ट किया गया था। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर नाका लगा रखा था, जिन लोगों के पास मतगणना केंद्र पर जाने का पास उपलब्ध था, उन्हें ही आगे जाने दिया जा रहा था। अन्य वाहनों को गांव बड़वासनी से रूट डायवर्ट कर वाया खानपुर होते हुए गोहाना की तरफ भेजा गया। गोहाना से आने वाले वाहनों को भी वाया खानपुर से बड़वासनी होते हुए सोनीपत भेजा गया। रतनगढ़ से आगे भी नाका लगाया गया था। अगर कोई व्यक्ति बड़वासनी से आगे से पहुंच गया तो उसे वहां से दूसरे मार्ग पर भेजा गया।