खरखौदा में थाने से जमानत के बाद अपनी बात रखते नगर पालिका प्रशासन से नाराज पार्षद नवीन और अन्य।
खरखौदा। गत वर्ष नगर पालिका कार्यालय पर ताला लगाकर रोष जताने के मामले में शुक्रवार को कई पार्षदों व पार्षद प्रतिनिधियों की गिरफ्तारी हुई। हालांकि गिरफ्तार जनप्रतिनिधियों को थाने से ही जमानत भी मिल गई। वार्डों में विकास कार्य न होने से नाराज कई पार्षदों व पार्षद पतियों ने 18 अगस्त 2025 को नगर पालिका के गेट पर ताला लगा दिया था। इसके बाद दो दिन तक धरना जारी रहा था।
इस संबंध में कई जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में खरखौदा थाने में अभियोग दर्ज है। शुक्रवार को तालाबंदी मामले में पार्षद नवीन दहिया, जसबीर, प्रमोद, अनूप दहिया, पार्षद पति रविंद्र, अनिल व सीताराम की गिरफ्तारी के बाद उन्हें जमानत मिल गई।
इसके बाद पार्षद नवीन ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने कहा था कि यदि अपने अधिकार मांगने पर न मिले तो छीनने पड़ते हैं। हम सभी पार्षद उनके ही दिखाए रास्ते पर चल रहे हैं। हम नगर पालिका द्वारा शहर में किए जाने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता बरते जाने की मांग उठाने के साथ ही वार्डों में विकास कार्यों की मांग उठाते रहे हैं। इसे भविष्य में भी जारी रखा जाएगा।
यदि नगरपालिका के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो हम सभी पार्षद दोबारा धरना प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे।