सोनीपत। दिल्ली के बाबू जगजीवन राम के कारण कोरोना से संक्रमित होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जहां पहले बाबू जगजीवन राम के दो कर्मी व उनके परिवार के सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिले थे। अब वहां कार्यरत नंदवानी नगर की स्टाफ नर्स भी कोरोना पॉजिटिव मिली है। जिसमें अस्पताल की बड़ी लापरवाही भी यह सामने आई कि उसका सैंपल लेकर घर भेज दिया गया। अब रिपोर्ट आने पर प्रशासन को सूचना दी गई तो स्टाफ नर्स को मेडिकल कालेज खानपुर भर्ती कराया गया और परिजनों को आइसोलेट किया गया। प्रशासन ने नंदवानी नगर को पूरी तरह से सील कर दिया है।
बाबू जगजीवन राम अस्पताल में कार्यरत सरस्वती विहार की रहने वाली नर्सिंग ऑफिसर व उसका पति पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इनके बाद शहजादपुर का स्वास्थ्य कर्मी, उसकी पत्नी व चार साल की बच्ची भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई। अब वहां कार्यरत नंदवानी नगर की रहने वाली स्टाफ नर्स की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। स्टाफ नर्स का दो दिन पहले दिल्ली में सैंपल लिया गया था और उसके बाद उसे घर भेज दिया था। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। जिसपर स्वास्थ्य विभाग ने उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया और उसके चार परिजनों को आइसोलेट कर दिया गया है। इस स्टाफ नर्स की जांच दिल्ली में हुई है, इसलिए यह दिल्ली का केस माना जाएगा। वहीं नंदवानी नगर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है, जिससे बाहर से वहां कोई नहीं जा सके और वहां से कोई बाहर नहीं आ सके।
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नंदवानी नगर की रहने वाली बाबू जगजीवन राम अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसकी जांच दिल्ली में हुई थी। वह अपने घर आ गई थी, दिल्ली की सूचना के बाद उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। नंदवानी नगर को सील किया गया है।
डॉ. बीके राजौर, सीएमओ सोनीपत।