सवृध फाउंडेशन ने बेंजालोनियम क्लोराइड से सैनिटाइज करने को बनाई टनल
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सोनीपत। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए अधिकतर कार्यालयों, अस्पतालों व व्यावसायिक गतिविधि वाले क्षेत्रों में सैनिटाइज टनल लगाने शुरू कर दिए गए हैं। जिसके अंदर से निकलकर लोग खुद को सैनिटाइज कर सकें। लेकिन वैज्ञानिकों ने अधिकतर सैनिटाइज टनल में सोडियम हाइपोक्लोराइड और हाइड्रोजन पेरोक्साइड घोल का इस्तेमाल करने को शरीर के लिए असुरक्षित माना है। जिसको देखते हुए ही सवृध फाउंडेशन के साथ जुड़े वैज्ञानिकों ने ऐसा सैनिटाइज टनल बनाया है, जिसमें बेंजालोनियम क्लोराइड को इस्तेमाल किया है। जोकि लोगों के लिए नुकसानदायक नहीं होगा। इस टनल को सवृध फाउंडेशन ने सब्जी मंडी के लिए दान दिया है, जिसको वहां वीरवार को लगाया जाएगा।
सवृध फाउंडेशन के संस्थापक सूबेदार प्रताप सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के बढ़ने के बाद से अधिकतर जगह सैनिटाइज टनल का इस्तेमाल किया जाने लगा। लेकिन इन सैनिटाइज टनल को लेकर वैज्ञानिकों ने बताया कि इनमें असुरक्षित रसायनों का उपयोग किया जाता है। जिनमें सोडियम हाइपोक्लोराइट जैसे रसायन का इस्तेमाल होता है। इसको देखते हुए ही सवृध फाउंडेशन के अनुसंधान संस्थान आईईएएसटी के वैज्ञानिकों ने ऐसी टनल बनाने पर काम शुरू किया, जिसमें ऐसे रसायन का इस्तेमाल हो सके। जिससे शरीर को पूरी तरह से कीटाणु रहित किया जा सके और उससे शरीर पूरी तरह से सुरक्षित रहे। टनल को कनाडा के डॉ. इंद्रजीत सिन्हा, यूके से डॉ. योगेंद्र सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय से डॉ. सत्यनारायण और आईआईएसईआर मोहाली के पूर्व निदेशक एमवी राजम ने बनाया और इसमें लगभग 15 हजार रुपये का खर्च आया। इस टनल में सबसे अहम यह होगा कि इसमें बेंजालोनियम क्लोराइड का उपयोग होगा जो आंखों की दवाइयों, एंटी सेप्टिक क्रीम, गैर-अल्कोहोलिक सैनिटाइजर में किया जाता है। इस टनल से कोई व्यक्ति गुजरेगा तो उसपर 6 नोजल बेंजालोनियम क्लोराइड का छिड़काव होगा। इस तरह से कीटाणु रहित हो जाएंगे और उसका शरीर को कोई नुकसान भी नहीं होगा। सूबेदार प्रताप सिंह के अनुसार इस टनल को फाउंडेशन ने सब्जी मंडी के लिए दान दिया है और इसे वीरवार को वहां लगाया जाएगा। जिससे वहां सभी को सैनिटाइज किया जा सके।