सोनीपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाईएस राठौर की अदालत ने शादी समारोह में हुई फायरिंग के दौरान गोली लगने से युवक की मौत के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को पांच साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 90 हजार रुपये पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गांव धनाना के ईश्वर ने 23 नवंबर, 2017 को पुलिस को बताया कि उसके रिश्तेदार रोहतक के गांव फरमाणा निवासी मनोज का बेटा अंकुश (22) उनके पड़ोस में आयोजित शादी समारोह में आया था। अंकुश की गांव धनाना में बुआ रहती है। 22 नवंबर, 2017 की रात को गांव धनाना के रामकुमार के घर के आगे से घुड़चढ़ी निकाली जा रही थी। इस दौरान डीजे बज रहा था। इसी दौरान शादी में आए रोहतक के गांव चांदी निवासी सुरेश ने हर्ष फायरिंग कर दी थी। गोली पास में ही एक चबूतरे पर खड़े अंकुश के सिर में लगी थी। अंकुश को घायल अवस्था में पीजीआई रोहतक भर्ती करवाया गया था। बाद में उसे परिजन एक निजी अस्पताल में लेकर गए थे, जहां उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सुरेश को एक दिसंबर 2017 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही वारदात में प्रयुक्त रिवाल्वर बरामद कर ली थी।
मामले की सुनवाई करते हुए सेशन जज वाईएस राठौर की अदालत आरोपी सुरेश को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे भादसं की धारा 304 में पांच साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 90 हजार रुपये पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
दो बहनों का इकलौता भाई था अंकुश
घुड़चढ़ी में हुई हर्ष फायरिंग में गोली लगने के बाद अंकुश 36 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा था। बाद में उसने दम तोड़ दिया था। अंकुश दो बहनों का इकलौता भाई था।