कुंडली। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार की ओर से कुंडली को नगरपालिका बना दिया गया। नपा के अस्थाई कार्यालय खोलने को विवाद खड़ा हो गया। नपा अधिकारी एचएसआईआईडीसी के जिस भवन पर कब्जा लेने आए थे, वहां पर कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन के राशन घर चलता है। वहां पर उद्योगपतियों ने प्रदर्शन किया और उस भवन पर नपा कार्यालय का बोर्ड नहीं लगाने दिया। अधिकारियों ने सख्ती दिखाकर उद्योगपतियों को चेतावनी दी है कि यदि वह सरकारी काम में बाधा बनेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। बुधवार दोपहर बाद तक भवन को खाली करने का अल्टीमेटम दिया।
डीसी डॉ. अंशज ने 29 फरवरी को इस भवन पर कब्जा लेने के आदेश दिए थे, जिस पर कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन अड़ गई है। एसोसिएशन के प्रधान सुभाष गुप्ता, गौरव गुप्ता, सुशील अहलावत ने कहा कि यहां पर पहले से ही श्रमिकों के लिए राशन घर चल रहा है, जिसकी अनुमति एचएसआईआईडीसी ने एसोसिएशन को दी है, लेकिन अनुमति से संबंधित कार्रवाई फिलहाल पूरी नहीं है। उन्होंने उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र लिखा है, जिस पर अप्रूवल शीघ्र ही मिलने की संभावना है। उद्योगपतियों का कहना है कि श्रमिकों को सस्ते में राशन उपलब्ध करवाने के लिए यह राशन घर खोला गया है, जिसमें सरकार को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि बुधवार दोपहर तक प्रशासन उन्हें लिखित में उक्त भवन राशन घर के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा तो उद्योगपति प्रदर्शन करेंगे। भवन की अनुमति मिलने तक प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनके इस प्रदर्शन में कुंडली के अलावा राई व बड़ी के श्रमिक व उद्योगपति भी शामिल होंगे।