संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। एसीपी अमित धनखड़ ने कहा कि नशे और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब पुलिस और समाज मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे। ग्रामीण प्रतिनिधियों को नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का पूरा सहयोग करें।
वह सोमवार को थाना सदर सोनीपत में सरपंचों की विशेष गोष्ठी में बोल रहे थे। बैठक का उद्देश्य पुलिस और ग्रामीण समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाना था।
एसीपी ने कहा कि नशा समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इस बुराई को समाप्त करने के लिए जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि यदि किसी क्षेत्र में नशा बेचने, तस्करी करने या सेवन करने संबंधी कोई गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय असामाजिक तत्वों, संदिग्ध व्यक्तियों और आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी रखने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को नशे और अपराध से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद तथा सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में गांवों में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी सरपंचों ने क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने तथा नशा विरोधी अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस दौरान थाना प्रभारी सदर सोनीपत निरीक्षक उमेश कुमार, गांव जाहरी के सरपंच दिनोद लाकड़ा, किलोहड़द के सतीश राठी, हुल्लाहेड़ी के नवीन, कामी के बलराज, भटगांव डूगरान के रवित, भदाना के कर्मबीर, ककरोई के कर्मबीर, फतेहपुर के कर्ण सिंह तथा पूर्व सरपंच नवीन आदि मौजूद रहे।