फोटो 03: सोनीपत नगर निगम कार्यालय में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते संविदा सफाई कर्मी। संवा
सोनीपत। नगर निगम कार्यालय में 47 दिन से धरने पर बैठे संविदा सफाई कर्मियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच दिन से मांग को लेकर मुकेश टांक और मुकेश कर्मा आमरण अनशन कर रहे हैं मगर उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुनवाई नहीं होने पर अब कर्मचारी काम बंद कर दिए हैं। उन्होंने काम से हटाए गए आठ कर्मियों को वापस लेने की मांग की।
ठेका सफाई कर्मचारी एकता मंच के प्रधान मुकेश टांक ने बताया कि आमरण अनशन कर रहे संविदा कर्मियों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। शासन व प्रशासन की ओर से उनकी सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि संविदा सफाई कर्मियों को परेशान किया जा रहा है।
ठेकेदार की ओर से उन्हें 15-15 दिन का वेतन किया जा रहा है। इस तरह नाजायज कटौती करते हुए उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आमरण अनशन के दौरान अगर उन्हें किसी तरह की समस्या आएगी तो इसके लिए शासन व प्रशासन जिम्मेदार होेंगे।
अनशन पर बैठे प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुकेश कर्मा ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो वह शहर में चक्का जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान सावन, प्रवीण, रविंद्र, धर्मबीर, हजारी, रणबीर, सुभाष, सुमित भी मौजूद रहे।
घर-घर से कूड़ा उठाने वाले वाहनों के चालकों ने दिया समर्थन
नगर निगम क्षेत्र में घर-घर से कूड़ा उठाने वाले वाहन चालकों व सहायकों ने भी संविदा कर्मियों के धरने पर समर्थन किया। इसके बाद उन्होंने नगर निगम कार्यालय में जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि ठेकेदार सात महीने से उनका ईएसआई और पीएफ नहीं काट रहा है। साथ ही सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम संशोधित वेतन भी दे रहा है। उन्होंने मेयर राजीव जैन को ज्ञापन सौंपा। मेयर ने कर्मियों की मांगों का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।