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75 प्रतिशत आरक्षण को लेकर उद्योगों में आज भी असमंजस, कई जगह प्रक्रिया शुरू

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राई औद्योगिक क्षेत्र। - फोटो : Sonipat
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हरियाणा के युवाओं को 30 हजार रुपये तक की निजी नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण मिलने का नियम लागू हुए छह माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी असमंजस की स्थिति है। कई उद्योगों में यह प्रक्रिया लागू हो चुकी है तो कई में अभी पूरी तरह से लागू नहीं हुई है। सरकार ने हरियाणा राज्य स्थानीय व्यक्ति रोजगार अधिनियम, 2020 लागू करने के लिए 2021 में ही अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना 15 जनवरी से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही मार्च में गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया था। हालांकि फैक्टरियों में कोरोना काल के बाद नाममात्र ही नई भर्तियां हुई हैं। ऐसे में ज्यादा युवाओं को इसका लाभ नहीं मिल सका है।
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हरियाणा में निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण लागू हो चुका है। सोनीपत के साथ कुंडली, राई, मुरथल व बड़ी औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे करीब 8 हजार उद्योगों में फिलहाल 10 से 12 लाख श्रमिक व अधिकारी कार्यरत हैं। सोनीपत जिले में दो लाख से ज्यादा श्रमिक यूपी, बिहार, बंगाल, झारखंड और मध्य प्रदेश से हैं। नियम को छह माह बाद कई कंपनियों ने लागू कर दिया है, लेकिन कुछ में अभी भी असमंजस के हालात हैं। कई उद्योगपति व औद्योगिक एसोसिएशन का कहना है कि यह कानून उद्योगों के हित में नहीं है। इसे लेकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
लंबे समय से हरियाणा में रह रहे प्रवासी भी हरियाणवी हुए
प्रदेश में 75 फीसदी आरक्षण का लाभ अब लंबे समय से प्रदेश में रह रहे प्रवासी भी ले रहे हैं। राई व कुंडली क्षेत्र में ऐसे हजारों प्रवासी हैं जो 15 से 20 साल से यहां रह रहे हैं। इनमें ज्यादातर ने अपने घर यहां बना लिए हैं। उन्होंने आधार कार्ड से लेकर मतदाता पहचान पत्र तक यहां का बनवा लिया है। ऐसे में वह भी हरियाणवी बनकर इसका लाभ लेंगे। उद्योगपति भी मानते है कि कई लोग तो दो दशक से अधिक समय से यहां रह रहे हैं और अब उनके कागजात यहां के बन चुके हैं।
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फैक्टरियों में कोरोना काल के बाद नाममात्र नई भर्तियां हुईं
यह नियम लागू होने से पहले कोरोना का संकट आ गया था। ऐसे में कोरोना काल में नौकरी कम लगी। जिससे इसका लाभ भी ज्यादा लोगों को नहीं मिल सका है। नई भर्ती नहीं होने से प्रदेश के युवा इसका ज्यादा फायदा नहीं उठा सके हैं। अब कई मल्टीनेशनल कंपनी प्रदेश में शुरू होने वाली हैं। जिसमें यहां के युवा इस कानून के तहत फायदा ले सकेंगे।
प्रदेश के युवाओं के लिए काफी फायदेमंद होगा कानून
नई भर्ती शुरू होने के साथ ही यह कानून अब काफी फायदेमंद होगा। मल्टीनेशनल कंपनी मारुति-सुजुकी भी सोनीपत के खरखौदा में अपना प्लांट लगा रही है। जिसमें उन्होंने भी प्रदेश के युवाओं को 70 फीसदी रोजगार देने की बात कही है। ऐसे ही अन्य बड़ी कंपनी भी यहां आने के बाद लोगों का काफी फायदा मिल सकेगा।
उद्योगपति ने दी अपनी अलग-अलग राय
प्रदेश सरकार ने 75 फीसदी प्रदेश के युवाओं को नौकरी देने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। उसके अनुसार ही नई नियुक्ति मिल रही है। प्रदेश के लोगों को फैक्टरी में काम करने के लिए योग्यता बढ़ानी चाहिए, वरना हम उद्योगपतियों को फैक्टरी चलाने में दिक्कत होगी। प्रदेश में दशकों से रह रहे लोग भी अब यहां के आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र लिए हैं। उनके बच्चे भी यहीं रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही अभी कोरोना काल से फैक्टरी संचालक उबर रहे हैं। आगे चलकर इसका युवाओं को ज्यादा फायदा होगा। -राकेश देवगन, प्रधान, राई इंडस्ट्रियल एरिया मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन
जिले के युवा फिटर और इलेक्ट्रीशियन का तो काम कर लेते हैं पर मजदूरी और वजन ढोने का काम नहीं कर सकते हैं, जो चिंता की बात है। हम फैक्टरी में काम के अनुसार ही श्रमिक रख सकते हैं। ऐसे में उन्हें ही रखा जा रहा है जो काम करने में सक्षम हैं। सरकार को इस तरह के नियम नहीं लादने चाहिए। हर नागरिक को देश के किसी भी कोने में जाकर काम करने का अधिकार है। मामले को लेकर एसोसिएशन कोर्ट में भी गई हुई है। सरकार को उद्योगों की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। आरक्षण योग्यता के आधार पर होना चाहिए न कि इलाके के आधार पर। निजी क्षेत्र की नौकरियां पूरी तरह से योग्यता व कौशल पर आधारित होनी चाहिए। -सुभाष गुप्ता, प्रमुख, कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन।
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण कागजों में लागू हो चुका है, लेकिन धरातल पर अभी पूरी तरह लागू होने में समय लगेगा। पहले भी हरियाणा के युवाओं को नौकरी दी जाती रही है, लेकिन यहां के युवा यूनियन बना लेते हैं। जिसका असर उद्योगों पर पड़ता है। एटलस और गन्नौर की बीएसटी इसके उदाहरण हैं। उद्योगपति सरकार का पूरा सहयोग करते हैं, लेकिन सरकार की तरफ से उतनी सहायता नहीं मिलती। -करण सिंह चहल, प्रधान बड़ी औद्योगिक वेलफेयर एसोसिएशन
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में करीब 800-900 फैक्ट्रियां है। जिनमें करीब 12000 वर्कर काम करते हैं। सरकार उद्योगपतियों की कमर तोडऩे का कार्य कर रही है। सरकार की कई नई नीतियां उद्योगों के लिए बेहतर नहीं होती। सरकार को नई नीति बनाने से पहले उद्योगपतियों से बात करनी चाहिए। कोरोना के बाद से पहले ही काम मंदे हैं, ऐसे में कुशल कर्मियों को ही रोजगार दिया जा रहा है। -हरप्रीत सिंह, महासचिव, एमएसएमई बड़ी वेलफेयर एसोसिएशन
फिरोजपुर बांगर औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-छोटी औद्योगिक इकाइयां हैं। जिसमें ज्यादातर काम श्रमिकों का है। जिसे स्थानीय लोग तरजीह नहीं दे रहे हैं। कुछ फैक्टरियों में बहुत कम संख्या में स्थानीय लोग काम कर भी रहे हैं। वहीं आने वाले समय में फैक्टरियों में विस्तार होता है तो हो सकता है स्थानीय लोग काम करने की इच्छा जताएं। फैक्टरी मालिकों को स्थानीय कामगारों से कोई परेशानी नहीं है। -प्रदीप उप्पल, डायरेक्टर, खरखौदा इंडस्ट्रीज वेलफेयर फाउंडेशन।
निजी क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण को लेकर फिलहाल सरकार के इस निर्णय पर कोर्ट में मामला विचाराधीन है। ऐसे में इसका भविष्य क्या होगा पता नहीं है। मामले पर कोर्ट का निर्णय आने पर ही कुछ कहा जा सकता है। हम न्यायालय के आदेश का सम्मान करेंगे चाहे वह जो भी होगा। -राजीव दहिया, प्रधान, आईएमटी खरखौदा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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सोनीपत में रोजगार कार्यालय में दर्ज कराए गए नामांकन
वर्ष 12वीं पास स्नातक स्नातकोत्तर
2019 : 814 387 164
2020 : 1823 607 238
2021 : 1529 609 257
2022 : 1091 539 236
नोट : 2022 का आंकड़ा अगस्त तक का
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