सोनीपत। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लागू लॉकडाउन में इस बार 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद होगी। इसके लिए प्रशासन की ओर से 22 से बढ़ाकर 47 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। एक तरफ प्रशासन ने मंडियों व खरीद केंद्रों में गेहूं खरीद को लेकर तैयारी कर ली है। एसीएस पीके दास की वीडियो कांफ्रेंस के उपरांत डीसी ने अधिकारियों की बैठक ली और गेहूं खरीद के प्रबंधों पर चर्चा भी की। दूसरी ओर कोरोना वायरस संक्रमण के कारण आढ़तियों ने इस सीजन में गेहूं खरीदने से इनकार कर दिया है। साथ ही उनका किसानों को होने वाली ऑनलाइन पेमेंट का विरोध जारी है। आढ़तियों का कहना है कि वह इस सीजन में गेहूं का एक भी दाना नहीं खरीदेंगे और न ही उनके पास लेबर है।
वीडियो कांफ्रेंस के दौरान खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के एसीएस पीके दास ने कहा कि लॉकडाउन के चलते गेहूं खरीद के दौरान हमारा पूरा फोकस सोशल डिस्टेंस पर होना चाहिए। सरकार ने फैसला किया है कि सोशल डिस्टेंस रखते हुए किसानों की पूरी फसल सरकार द्वारा घोषित किए गए समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आढ़तियों की मांग पर सभी पुराने खातों को ही मान्य कर दिया गया है। अब आढ़तियों का खाता चाहे किसी भी बैंक में हो, वह मान्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति के अनुसार फसल की खरीद की जाएगी। हर कार्य ऑनलाइन होगा। मैनुअल तरीके से खरीद नहीं की जाएगी।
आढ़ती नहीं होने पर एजेंसी सीधे खरीदेगी अनाज
वीडियो कांफ्रेंस के उपरांत डीसी डॉ. अंशज सिंह ने कहा कि गेहूं खरीद कार्य के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होना चाहिए। हर मंडी में सैनेटाइजर व थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। मंडी में किसानों के अलावा अन्य लोगों को प्रवेश नहीं देना। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि गेहूं के साथ सरसों की खरीद भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि आढ़ती समय पर उपलब्ध नहीं होता तो खरीद एजेंसी सीधे तौर पर भी गेहूं की खरीद कर सकती हैं। पहले दो दिनों में सीमित मात्रा में किसानों को गेहूं बेचने के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने सभी खरीद केंद्रों पर हैंडवॉश की सुविधा के साथ मास्क, गलब्स, सैनिटाइजर के उपयोग के निर्देश दिए।
आढ़ती बोले, अपने हकों की लड़ाई लड़ी जाएगी
सोनीपत अनाज मंडी ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान पवन गोयल ने कहा कि ई-ट्रेडिंग प्रणाली के विरोध में पहले भी हड़ताल कर चुके थे, लेकिन सरकार ने हर बार आश्वासन देकर उनकी हड़ताल को समाप्त करवा दिया था। अबकी बार अपने हकों की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि आढ़तियों व किसानों का पुराना रिश्ता चला आ रहा है। सरकार इस रिश्ते को खत्म करने की योजना बना रही है। इससे जहां आढ़तियों का धंधा ठप हो जाएगा। लॉकडाउन के चलते आवागमन पूरी तरह से बंद है। आढ़तियों के पास इस बार लेबर भी नहीं है। वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस संक्रमित किसान मिलता है तो सरकार ने उसकी जिम्मेदारी आढ़तियों पर थोंप रखी है। ऐसे में आढ़तियों ने गेहूं की खरीद करने से इंकार कर दिया है।
गोहाना में आढ़तियों ने सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा
गोहाना अनाज मंडी के आढ़तियों ने रविवार को राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आढ़तियों ने मांग करते हुए कहा कि ऑनलाइन भुगतान पर रोक लगाई जाए। नए खरीद केंद्रों को बंद किया जाए, क्योंकि वह केंद्र कच्चे हैं। गेहूं के बोरे खराब होने की संभावना है। इस बार लॉकडाउन के चलते श्रमिकों की कमी है। नई अनाज मंडी में हर आढ़ती को पंजाब की तरह पांच गेटपास रोजाना दिए जाए। वह जिसे चाहे अपने जमींदार को बुला सकते है। हैफेड की बजाय एफसीआई से गेहूं की खरीद कराए। इस दौरान नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान राव राजेंद्र सिंह, दी पक्का आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान डॉ. प्रदीप, श्री कृष्णा फूड ग्रेन डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम वशिष्ठ, सचिव रमेश घड़वाल, गोहाना व्यापार मंडल के प्रधान विनोद जैन सहित अन्य आढ़ती मौजूद रहे।
जिले में गेहूं बेचने के लिए अभी तक मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानों ने अपना पंजीकरण करवाया है। इन सभी किसानों को एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। जिन किसानों के पास एसएमएस पहुंचेगा, उस दिन केवल उन्हीं किसानों को आना है। अन्य कोई किसान आता है तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।
- डॉ. अंशज सिंह, डीसी
गोहाना में राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा को ज्ञापन सौंपते आढ़ती।- फोटो : Sonipat