संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जिले की आब-ओ-हवा लगातार खराब होती जा रही है। रविवार सुबह 10 बजे सोनीपत का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 पार पहुंच गया था। दिन में हवा चलने से एक्यूआई गिर कर 272 पर पहुंच गया। हवा की गुणवत्ता खराब होने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए नगर निगम की टीम स्मॉग गन व अन्य साधनों से पानी का छिड़काव कर रही है।
दिवाली के आसपास आतिशबाजी होने से शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में एक्यूआई करीब 500 तक पहुंच जाता है। इस बार दिवाली से पहले ही एक्यूआई का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। सुबह के समय एक्यूआई 300 पार पहुंचने से लोगों को परेशानी होेने लगी। वर्तमान में वातावरण प्रदूषण का स्तर बढ़ाने के अनुकूल बना है। रविवार को सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। वहीं दिन व रात के तापमान में भी अंतर बना हुआ है। रविवार को अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी की मात्रा कम होने से प्रदूषण के कण न ऊपरी वातावरण में पहुंच पा रहे हैं और न ही जमीन पर पहुंच रहे हैं।
पराली जलाने की मिल चुकी हैं 41 लोकेशन : जिले में सेटेलाइट से फसल अवशेष जलाने की 41 लोकेशन मिल चुकी है। भौतिक सत्यापन में 9 स्थानों पर आग लगी मिली। इनमें एक लोकेशन गैर कृषि भूमि की पाई गई, जबकि 8 स्थानों पर संबंधित किसान पर जुर्माना लगाया गया है। कई किसानों पर एफआईआर भी करवाई गई है।
प्रदूषण नियंत्रण की गई अपील
आमजन निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा प्रयोग करें। निर्माणाधीन कार्यों पर पानी का छिडक़ाव करें। खुले में कूड़ा या अन्य सामान में आग न लगाएं। डस्ट या निर्माण सामग्री वाले वाहन चालक निर्माण सामग्री को ढंककर ले जाएं।
वर्जन
आमजन से अपील की गई है कि ऐसा कोई कार्य न करें जिससे धूल व धुंआ वायुमंडल में फैले। ऐसा करना एनजीटी की गाइडलाइन की अवहेलना व दंडनीय भी है। सांस लेने के लिए शुद्ध हवा हमारी पहली जरूरत है। -विश्राम मीणा, आयुक्त, नगर निगम, सोनीपत