17jjrp06- सिविल अस्पताल में लगे शिविर में अपनी जांच करवाती महिलाएं। संवाद
झज्जर। सरकारी अस्पताल को दो नए डॉक्टर मिल गए हैं। इनमें एक डॉक्टर को दो माह के लिए डेपुटेशन पर भेजा गया है जबकि एक डॉक्टर ने एनएचएम के तहत ज्वाइन किया है।
खास बात यह है कि अस्पताल को दो माह के लिए फिजिशियन की सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में दो माह के लिए फिजिशियन को डेपुटेशन पर भेज दिया है। इससे गंभीर मरीजों को राहत मिली है।
फिजिशियन की सेवाएं शुरू होने से सिविल अस्पताल में गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को प्राथमिक जांच और उपचार के लिए तुरंत अन्य शहरों या बड़े निजी अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा मिलने से उनका यात्रा समय और निजी अस्पतालों का भारी खर्च बचेगा। फिजिशियन के होने से जटिल और पुरानी बीमारियों (जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, फेफड़ों व पेट के संक्रमण आदि) का सही और समय पर इलाज संभव हो सकेगा। आपातकालीन स्थिति में आने वाले गंभीर मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख और देखभाल मिल सकेगी। इससे पहले मरीजों को पीजीआई रेफर करना पड़ता था, जिससे कई बार मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती थी।
वहीं सिविल अस्पताल में बच्चों की नई डॉक्टर डॉ. दिव्या मीणा ने भी ज्वाइन किया है। उन्होंने एनएचएम के तहत ज्वाइन किया है। इससे पहले सिविल अस्पताल में बच्चों के दो डॉक्टर थे, जिसमें एक नियमित और एक डेपुटेशन पर हैं। अब बच्चों के कुल तीन डॉक्टर हो गए हैं। इससे सिविल अस्पताल में आने वाले बच्चों का उपचार बेहतर तरीके से हो सकेगा। यहां बता दें कि इस समय चल रहे मौसमी बदलाव के चलते बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 80 से 100 के बीच बीमार बच्चे पहुंचते हैं।
वर्जन
अस्पताल में दो माह के लिए फिजिशियन को डेपुटेशन पर भेजा गया है। इनकी नियुक्ति की मांग विभाग से बार-बार की जा रही थी। एनएचएम के तहत बच्चों की महिला डॉक्टर ने भी ज्वाइन किया है।
डॉ. अजय सिंगला, एसएमओ, सिविल अस्पताल