शहर में बिल्डिंग बाइलाज तोड़कर अवैध तरीके से बिल्डिंग खड़ी करने का खेल पहले की तरह जारी है। एक सप्ताह पहले हुई सिलिंग के चलते अब बिल्डिंग मालिक रेजिडेंशियल एरिया में कमर्शियल बिल्डिंग बनाने लगे हैं।
निगम द्वारा अवैध तरीके से बनाई गई बिल्डिंग्स की जांच में यह तथ्य उभर कर सामने आए हैं। बिल्डिंग ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए बाबा तराना रोड पर दो ऐसी ही बिल्डिंग को सील किया है।
भवन निर्माण अधिनियम 1982 के तहत नगर निगम एरिया में बिल्डिंग का निर्माण करने से पहले निगम से न केवल एनओसी लेनी पड़ती है, बल्कि नक्शा भी पास कराया जाता है, लेकिन निगम व पहले नगर परिषद के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
लोगों ने फीस बचाने के चक्कर में बिना अनुमति के ही भवनों का निर्माण कर लिया, लेकिन अब सरकार का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में दो माह पहले सक्रिय हुई बिल्डिंग ब्रांच ने शहर में जांच की तो 49 बिल्डिंग ऐसी मिली, जो नियमों के तहत नहीं बनाई गई हैं, इसमें कांग्रेस, इनेलो व भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों तक के भवन शामिल हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि बिल्डिंग की जमीन तो रिश्तेदारों के नाम है, लेकिन जब मौके पर जाते हैं तो नेताओं का नाम लिया जाता है। इस कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
नहीं हो सकता है नक्शा पास
बिल्डिंग बाइलाज के तहत रेजिडेंशियल एरिया में कमर्शियल बिल्डिंग नहीं बनाई जा सकती। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि बिल्डिंग तैयार कर चुके भवन मालिक नक्शे के लिए भी आवेदन नहीं कर सकते। अब तो प्रदेश सरकार ही कोई समाधान निकाले। नहीं तो निगम के पास बिल्डिंग गिराने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचेगा।
काम करने लगा निगम का दबाव
नगर निगम ने सर्वे करके दो माह पहले नियम तोड़कर बनाई गई 49 बिल्डिंग को चिह्नित किया था। उन्हें नोटिस दिया गया, लेकिन कई भवन मालिकों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। पिछले सप्ताह निगम ने कार्रवाई करते हुए आठ बिल्डिंग सील कर दी थी। निगम की कार्रवाई का असर होने लगा है। अब निगम की बिल्डिंग ब्रांच में एक दर्जन के करीब नक्शा पास कराने के लिए आवेदन आए हुए हैं।
यह एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित
शहर में प्रभु नगर, बाबा कालोनी, मोहन नगर, बाबा तराना रोड, मिर्च मंडी, बहालगढ़, मुरथल व रोहतक रोड का आउटर हिस्सा, जहां कमर्शियल गतिविधियां रिहायशी एरिया के बीचोंबीच चल रही हैं।
जल्द निकालेंगे समाधान : जैन
स्थानीय विधायक व प्रदेश की शहरी निकाय मंत्री कविता जैन के पति राजीव जैन का कहना है सोनीपत सिटी ही नहीं, पूरे प्रदेश में रजिडेंशियल एरिया में कमर्शियल बिल्डिंग बनाई हुई हैं। अब पुरानी बिल्डिंग्स को गिराना संभव नहीं है। ऐसे में सरकार ऐसी पॉलिसी पर विचार कर रही हैं, जिसके तहत निर्धारित फीस जमा करवाकर बिल्डिंग्स को पक्का किया जा सके। आधिकारिक स्तर पर पॉलिसी पर मंथन चल रहा है।
निगम ने सर्वे किया तो रेजिडेंशियल एरिया में कई बिल्डिंग ऐसी मिलीं, जहां कमर्शियल गतिविधियां चल रही हैं। इसमें बाबा-तराना रोड पर एक बिल्डिंग महाबीर सिंह व दिनेश कुमार की है। दोनों बिल्डिंग सील कर दी गई हैं। जबकि दूसरी बिल्डिंग्स स्वामियों को भी नोटिस भेजे गए हैं।