डीआरडीए हाल में शुक्रवार को स्वच्छ भारत अभियान को लेकर सभी ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर और अधिकारियों की मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक में एडीसी शिवप्रसाद शर्मा ने कहा कि जिले के सभी गांवों में दिसंबर 2016 तक घर-घर शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शुरुआती चरण में 100 गांवों का चयन कर उन्हें 23 क्लस्टरों में विभाजित किया गया था। इन 100 गांवों को मार्च 2016 तक पूरे तरह से खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाएगा और प्रत्येक घर में शौचालय भी बनवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी गांवों में शौचालयों के निर्माण की देखरेख के लिए एक-एक मोटिवेटर नियुक्त किया गया है। जिन गांवों में अभी मोटिवेटर नहीं हैं उन गांवों का कोई भी व्यक्ति डीआरडीए कार्यालय पहुंचकर मोटिवेटर बन सकता है। जो व्यक्ति इस जिम्मेदारी को लेकर उसी के माध्यम से पूरे गांवों के शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा और शौचालयों के लिए दिया जाने वाला पैसा भी उसी के माध्यम से दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में सबसे पहले सोनीपत जिला में ही यह कदम उठाया गया है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि मार्च 2016 तक के लक्ष्य में जिन 100 गांवों को चुना गया है उन्हें 23 क्लस्टरों में बांटा गया है और प्रत्येक क्लस्टर में 4 से 5 गांव शामिल किए गए हैं। इन सभी क्लस्टरों में शौचालयों की निगरानी के लिए 4 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी बनाई गई है। उन्होंने बताया कि पूरे जिले के दिसंबर 2016 तक खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाएगा।