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Sonipat News: स्कूल वाहनों में भेड़-बकरी की तरह ठूंसे जा रहे बच्चे

Sat, 13 Apr 2024 03:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत शहर स्थित एक निजी स्कूल में लगाई गई वैन में ठूंसकर भरे गए बच्चे।
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सोनीपत। जिले के अधिकांश निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के आवागमन के लिए लगाए गए स्कूली वाहनों में अधूरे प्रबंधों के सहारे नौनिहालों को सफर तय करना पड़ रहा है। मासूमों की जिंदगी से हो रहे खिलवाड़ की तरफ न तो स्कूल संचालकों का ध्यान है और ना ही अभिभावक गंभीर हैं। महेंद्रगढ़ के कनीना में वीरवार को हुए दर्दनाक हादसे के बावजूद अभिभावक सजग नहीं दिखे। जबकि, शुक्रवार को सड़कों पर दौड़ रहे स्कूल वाहनों की पड़ताल में कई खामियां मिली। आरटीए व अन्य अधिकारियों ने गोहाना बाईपास पर स्कूल बसों की जांच की। कई बसों के चालक का बैज नहीं मिला तो कई वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स ही गायब था। खामियां मिलने पर पांच वाहनों के चालान किए गए।
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सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत करीब 25 नियम हैं, इसके बावजूद कई स्कूल संचालक इस दिशा में लापरवाही बरतते हैं। कनीना हादसे के एक दिन बाद ही विभिन्न स्कूलों के वाहन प्रशासनिक ढिलाई का फायदा उठाते हुए अधूरे मापदंडों के साथ बेखौफ सड़कों पर दौड़ते नजर आए। इनमें काफी वाहन ऐसे थे, जिन पर न स्कूल का नाम लिखा और ना ही मोबाइल नंबर, स्कूलों में लगाई गई वैन पर पीले रंग का पेंट तक नहीं था। कई स्कूल वैन में बच्चों को ठूंस कर भरा गया था। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद सड़कों में बसों से ज्यादा स्कूल वैन नजर आ रही थी। इन वैन में बैग छत पर रखे गए थे।
समय-समय पर की जाती है जांच
परिवहन अधिकारियों का दावा है कि सड़कों पर दौड़ने वाली इन बसों की समय-समय पर जांच की जाती है और नियम पूरे नहीं मिलने पर चालान किए जाते हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर हर माह बैठक बुलाई जाती है। 19 मार्च को बैठक बुलाई गई थी, अब 19 अप्रैल को बैठक होगी। स्कूल बसों का एक या दो साल में फिटनेस टेस्ट लिया जाता है। इस दौरान बसों में लगाए गए स्पीड गर्वनर की भी जांच की जाती है।
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15 माह मे किए 268 चालान
नियमों पर खरा नहीं उतरने वाली स्कूल बसों के खिलाफ प्रवर्तन विभाग की तरफ से अभियान चलाया जाता है। 15 माह 268 चालान किए गए हैं। इनमें कई निजी स्कूलों की कुछ बसें बिना परमिट और फिटनेस के दौड़ती मिलीं थी तो कई बसों में सुरक्षा के जरूरी मानकों का भी उल्लंघन हो रहा था। कई बसों में प्राथमिक उपचार पेटी ही नहीं थी, जिनमें थी उनमें आवश्यक दवाओं का अभाव मिला था। कुछ बसों में चालक बिना वर्दी के थे तो कई बसों में अटेंडेंट ही नहीं थे। कुछ बसों का टैक्स नहीं भरा गया था तो कई बसें प्रदूषण मानकों पर खरा नहीं उतर रही थी।


स्कूलों में लगाई गई वैन पूरे नहीं करती मानक

जिले के अधिकतर स्कूलों में नौनिहालों को लाने-ले जाने के लिए वैन व बसें लगाई गई हैं। नियमानुसार इन वाहनों पर विद्यार्थियों को स्कूल लाने-ले जाते समय ऑन स्कूल ड़्यूटी लिखा होना अनिवार्य है। शुक्रवार को की गई पड़ताल के दौरान यह वाहन नियमों की अवहेलना करते नजर आए। स्कूल में लगाई गई वैन में निर्धारित संख्या से अधिक विद्यार्थियों को ठूंसकर भरा गया था। बच्चों के बैग वैन की छत पर रखे गए थे।

अभिभावक यह रखें सावधानी

- बस खड़ी होने पर ही बच्चों को चढ़ाएं।

- चालक की हरकतों पर नजर रखें, ध्यान रखें कि कहीं चालक नशे में तो नहीं है।

- बच्चों के आने-जाने के समय का ध्यान रखें।

- बस के अंदर बच्चों को बैठने के लिए जगह मिलती हैं या नहीं, नजर रखें।

- बस में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसका भी ध्यान रखें। कहीं कमी मिलने पर तुरंत स्कूल संचालक से संपर्क करें।

किस माह कितनी बसों का किया चालान

माह चालान

जनवरी 2023 10

फरवरी 2023 25

मार्च 2023 29

अप्रैल 2023 26

मई 2023 11

जून 2023 21

जुलाई 2023 09

अगस्त 2023 07

सितंबर 2023 53

अक्तूबर 2023 20

नवंबर 2023 18

दिसंबर 2023 14

जनवरी 2024 06

फरवरी 2024 14
मार्च 2024 00
अप्रैल 2024 05
कुल 268

चालक के लिए नियम
- हैवी लाइसेंस और उसे कम से कम पांच साल का अनुभव।
- चालक को रिफ्रेशमेंट कोर्स में प्रतिभागिता करनी चाहिए।
- स्कूल की तरफ से हर दो माह में चालकों की चिकित्सा जांच हो।
- समय-समय पर यातायात नियमों के पालन का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए।

नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे स्कूल वाहन

गन्नौर। गन्नौर में निजी स्कूल संचालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कई निजी स्कूलों ने अपने वाहनों पर न स्कूल का नाम लिखवाया और ना ही मोबाइल नंबर। कई बसों में कोई सहायक तक नहीं था। जबकि स्कूल वाहन पर स्कूल का नाम, संपर्क नंबर, पुलिस का संपर्क नंबर लिखा होना अनिवार्य है और बच्चों को चढ़ाने व उतारने के लिए सहायक होना अनिवार्य है।
वर्जन
नौनिहालों के सुरक्षित सफर को लेकर समय-समय पर स्कूल बसों की जांच की जाती है। निर्धारित मापदंड पर खरी नहीं उतरने वाली बसों के चालान किए जाते हैं। साथ ही बस चालक व स्कूल प्रबंधक को नियम पूरे करने के निर्देश भी दिए जाते हैं। शुक्रवार को जांच के लिए पांच स्कूल वाहनों के चालान किए गए हैं। जनवरी 2023 से अब तक नियमों की अवहेलना करने पर स्कूल बसों के 268 चालान किए गए हैं।
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गुरप्रीत संधु, मोटर वाहन अधिकारी (प्रवर्तन), सोनीपत
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