दीवाली पर्व को लेकर बाजार में बिक रही मिलावटी मिठाई को स्वास्थ्य विभाग अनदेखा कर रहा था। दीवाली पर्व के महज तीन दिन बचने पर रविवार को मिठाई की दुकानों पर डंडा चला। स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से रविवार को छापेमारी की गई तो शहर में मिठाई बेचने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया। टीम ने मिलावटी मिठाइयों की आशंका के चलते सोनीपत व खरखौदा की उन सात दुकानों से खोये से बनी मिठाइयों के सैंपल भरे, जहां पर लोगों की भीड़ जमा होती है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पृथ्वी सिंह ने अपनी टीम के साथ सोनीपत शहर में तीन दुकानों व खरखौदा शहर में चार दुकानों से मावा से बनी मिठाइयों के सैंपल भरे। दुकानों से मावा के सैंपल लिये गये हैं साथ ही दुकानों में साफ-सफाई और कलर मिलावट का भी ध्यान दिया गया। इन सैंपल को चंडीगढ़ लैब में जांच के लिए भेजा गया है।
मिठाइयां की जा रही थी स्टॉक
नकली दूध, घी, सूखी मिठाई व खोए की आमद के बावजूद स्वास्थ्य विभाग अभी तक शांत था। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी मुख्य त्योहार को देखते हुए दुकानदारों द्वारा नकली मिठाइयां बनाकर उसे स्टॉक किया जा रहा था। मिलावटी मिठाइयों की आशंका के चलते जैसे ही स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी शुरू की तो दुकानदारों ने मिठाइयों की जगह फैली गंदगी का साफ करना आरंभ कर दिया था।
जिले मेें त्योहारी सीजन को लेकर मिठाइयों की समय-समय पर टीम की ओर से चेकिंग की जाती रही है। मिलावटी मिठाइयों की आशंका के चलते रविवार को सोनीपत व खरखौदा में मिठाई की दुकानों से मावे के सैंपल भरे गए है। सैंपल के नतीजे आने के बाद फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान विभाग की ओर से निरंतर जारी रहेगा। पृथ्वी सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सोनीपत