सोनीपत के लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेते उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार। स्रोत: सूचना विभाग
सोनीपत। उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि जिला को नशा मुक्त बनाना है, जिसके लिए सक्रिय रूप से एकजुट प्रयासों की आवश्यकता है। नशा केवल बर्बादी का रास्ता है, जिसमें फंसकर युवा खुद के साथ परिवार को भी बर्बादी के मार्ग पर ले जाते हैं। हमें अपने युवाओं को नशे से बचाना है, जिसके लिए हर संभव प्रयास किये जायें।
लघु सचिवालय में हुई नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विश्वविद्यालय अपने परिसर में एक शिकायत पेटी लगवाना सुनिश्चित करें ताकि अगर कोई बच्चा नशे के विरुद्ध कोई शिकायत देना चाहता है तो वह उस पेटी में अपनी शिकायत डाल सके। उन्होंने कहा कि यह शिकायत पेटी उपायुक्त की ओर से अधिकृत अधिकारी व विश्वविद्यालय के कुलपति के समक्ष ही खुलनी चाहिए। अगर इसमें नशे के विरुद्ध कोई शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जा सके।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विश्वविद्यालय नशे के विरुद्ध इस अभियान में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें जो एनकोर्ड की हर बैठक में भाग ले। बैठक में जो भी फैसला लिया जाए उसको विश्वविद्यालय परिसर पर लागू करवाया जाए। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करवाएं। उन्होंने आम जनमानस से आह्वान किया कि नशे का व्यापार करने वालों को पकड़वाने में प्रशासन की मदद करें, ताकि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सके। इस पुलिस उपायुक्त मनवीर सिंह, नगराधीश पूजा कुमारी, एसडीएम अमित कुमार, डीएसपी (नारकोटिक्स) सतेंद्र, जिला अटॉर्नी सुनील खत्री सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।