फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: नेट परीक्षा के फर्जी पेपर देकर ठगी, ACP बोले- लीक नहीं हुआ एग्जाम; दो आरोपी गिरफ्तार

Mon, 22 Dec 2025 06:28 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत

सार

मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक की टीम ने अकादमी में छापा डाला। सूचना मिलने पर गोहाना सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने फर्जी प्रश्नपत्रों के साथ एक लैपटॉप, प्रिंटर और मोबाइल बरामद किए।
विज्ञापन
एसीपी राहुल देव ने किया फर्जी पेपर लीक का खुलासा - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ठगने की कोशिश करने वाले गिरोह का मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, रोहतक की टीम ने पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान गोहाना क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मौके से 37 अभ्यर्थी भी मिले। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पेपर लीक नहीं, बल्कि नकली प्रश्नपत्रों के सहारे ठगी के प्रयास का है। गिरोह ने प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के बदले तीन से चार लाख रुपये में सौदा तय किया था।
विज्ञापन


एसीपी राहुल देव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री उड़नस्ता के एसआई कर्मबीर ने मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में आरोप था कि 37 अभ्यर्थियों को 17 दिसंबर को पानीपत के इसराना क्षेत्र में एनसी कॉलेज के पास बुलाया गया था। इसके बाद उन्हें टैंपो ट्रैवलर में बैठाकर गांव चिड़ाना स्थित बंद पड़े रयात बाहरा इंस्टीट्यूट की इमारत में लाया गया, जहां फिलहाल नरवाल कबड्डी अकादमी संचालित की जा रही है। अभ्यर्थियों को बताया गया था कि 18 दिसंबर को होने वाली सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही उपलब्ध करा दिया जाएगा और उसी के आधार पर उन्हें अभ्यास कराया जा रहा है।

मोबाइल से भेजे गए नकली प्रश्नपत्र, प्रिंटर से निकाली गईं प्रतियां

गिरोह के सदस्यों को मोबाइल फोन पर प्रश्नपत्र भेजे गए थे, जिनकी प्रिंटर से फोटो प्रतियां निकालकर अभ्यर्थियों को बांटी गईं। इनमें 16 अभ्यर्थियों को केमिस्ट्री और 21 अभ्यर्थियों को लाइफ साइंस विषय के ए और बी सेट दिए गए थे। इन्हीं फर्जी प्रश्नपत्रों के आधार पर अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे।
विज्ञापन


छापा डालने पर लैपटॉप, प्रिंटर और मोबाइल बरामद

इसी दौरान मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक की टीम ने अकादमी में छापा डाला। सूचना मिलने पर गोहाना सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने फर्जी प्रश्नपत्रों के साथ एक लैपटॉप, प्रिंटर और मोबाइल बरामद किए। मौके से रोहतक के गांव करौथा निवासी नीरज और सचिन को गिरफ्तार किया गया। नीरज दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है और सचिन बारुद्ध भंडार में टीमेट है। यह सेना से जुड़ा बताया गया है। दोनों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विज्ञापन

वास्तविक परीक्षा से मेल नहीं खाते थे प्रश्नपत्र

पुलिस जांच में सामने आया कि वास्तविक परीक्षा में पूछे गए प्रश्न और अभ्यर्थियों को दी गई फोटो प्रतियां अलग थीं। यानी गिरोह ने नकली प्रश्नपत्रों के सहारे अभ्यर्थियों को ठगने की साजिश रची थी। जांच में यह भी सामने आया कि नीरज के भाई धीरज ने मोबाइल पर प्रश्नपत्र भेजे थे, जबकि उनके साथी पवन भारद्वाज और मुंडलाना निवासी आशीष ने अभ्यर्थियों को अकादमी तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी।

मामले में एसआईटी गठित

पुलिस ने इस पूरे मामले को करीब पांच दिन तक पूरी तरह गोपनीय रखा। अब विशेष जांच टीम गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, आर्थिक लेनदेन और संभावित नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है। मामले में एसीपी मुख्यालय अजीत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई है।

सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। जांच में सामने आया है कि उन्हें नकली प्रश्नपत्र तैयार कर अभ्यास के लिए दिए गए, जो वास्तविक परीक्षा से मेल नहीं खाते। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पूरे नेटवर्क की गंभीरता से जांच की जा रही है। -राहुल देव एसीपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें