संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। टीका राम शिक्षा महाविद्यालय में शनिवार को ज्ञान सीमा से परे : बदलती दुनिया के लिए अंतर विषयक दृष्टिकोण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी कराई गई। हरियाणा सरकार की तरफ से अनुमोदित इस संगोष्ठी में लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन शामिल हुए। मुख्य वक्ता चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के कुलपति प्रो. आरपी सैनी रहे।
कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. सुरेंद्र सिंह राणा ने अध्यक्ष, मुख्य अतिथि एवं विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया। संगोष्ठी का उद्घाटन टीकाराम एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष सुरेंद्र दहिया ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षा के बदलते स्वरूप के अनुसार ज्ञान का विकास किया जाना आवश्यक है।
मुख्य वक्ता प्रो. आरपी सैनी ने कहा कि विश्व की बदलती परिस्थितियों की मांग के अनुसार शिक्षा में परिवर्तन आवश्यक है। प्राचार्य डाॅ. सुरेंद्र सिंह राणा ने वर्तमान परिपेक्ष्य में उच्च शिक्षा के महत्व पर प्रकाश एवं कार्यक्रम के विषय एवं उप विषयों पर विचार रखे।
तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता एमडीयू रोहतक की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डाॅ. हेमंत लता शर्मा, डाॅ. इंदिरा ढुल और सीआरए कॉलेज सोनीपत के अंग्रेजी विभाग प्रोफेसर राजीव कुमार ने की। ऑफलाइन सत्र के अध्यक्ष सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. बलवीर सिंह रहे।
संयोजिका मीनू कुमारी एवं डाॅ. पूनम देशवाल ने बताया कि संगोष्ठी में 227 प्राध्यापकों, शोधार्थियों, बीएड और एमएड के विद्यार्थियों ने भाग लिया। डिजिटल पोस्टर व शोधपत्र प्रस्तुति दी। सायंकालीन सत्र की अध्यक्षता मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग के डीन प्रो. विजय कुमार शर्मा ने की। उन्होंने अपने समापन सत्र के अध्यक्षीय भाषण में सफल आयोजन के लिए बधाई दी।