गन्नौर। गांव भोगीपुर में सात मुस्लिम परिवारों ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपना लिया है। हालांकि, इन परिवारों ने हिंदू धर्म की बहुत से चीजें पहले ही अपना रखी थीं। इन परिवारों में सदस्यों के नाम हिंदू हैं, गोत्र भी पंवार है और सभी परिवार हिंदू त्योहारों को भी बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। मगर शादी मुस्लिम रीति रिवाज से होती थी और मृतकों को अभी भी दफनाया ही जाता था। अब इन परिवारों ने हिंदू धर्म अपनाकर परंपरा को भी बदलने का फैसला लिया।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मंडल प्रमुख सुमित अत्री ने भागवत गीता और महाभारत की पुस्तकें भेंट कर सभी सदस्यों का हिंदू धर्म अपनाने पर स्वागत किया। परिवार के जिन सदस्यों ने मुस्लिम से हिंदू धर्म में आस्था व्यक्त की है उनमें दिल्ली पुलिस से सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर बलबीर सिंह, सुरेश कुमार, रमेश कुमार, बिजेंद्र, अशोक, दीपक, सुनील, अमित कुमार, रोहित, मनोज कुमार, जोगेंद्र व योगेंद्र सहित उनकी पत्नियां व बच्चे शामिल हैं। इस दौरान नीरज, ओमबीर प्रजापत, अनिल राठी, पंच सूबे सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य खेमकरण शर्मा, भूप सिंह राठी, पूर्व प्रधानाचार्य प्रेम सिंह राठी, धर्म सिंह, रमेश, पूर्व प्रधान विरेंद्र, जयपाल, नरेंद्र आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
धीरे-धीरे अपना लिए थे हिंदू रीति रिवाज
हिंदू धर्म अपनाने वाले सुरेश ने कहा कि उनके पूर्वजों ने बहुत साल पहले मुस्लिम धर्म को अपना लिया था। मगर कुनबे में सभी इसको लेकर अलग-अलग मत रख रहे थे। वक्त के साथ धीरे-धीरे उन्होंने बहुत से हिंदू रीति-रिवाजों को अपना लिया, तो कुछ अभी बाकी था। आज से हमने आखिरी कड़ी को भी खत्म कर दिया है। इस पर ग्रामीणों ने भी हिंदू धर्म अपनाने लोगों का स्वागत किया।
वर्जन
गांव के सात मुस्लिम धोबी परिवारों ने बिना किसी दबाव और अपनी इच्छा से हिंदू धर्म में वापसी की है। हिंदू संस्कृति के अनुसार, कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को धारण कर सकता है। इसमें किसी को कोई आपत्ति भी नहीं, बल्कि समस्त गांव इनके इस फैसले का सम्मान करता है।
- संजय राठी, सरपंच भोगीपुर