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आठ माह लेट क्यों हो गया 50 करोड़ का प्रोजेक्ट

Fri, 29 Jan 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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एक तरफ शहर में बदहाल सीवरेज व्यवस्था से गलियां क्या, सड़कों पर भी गंदा पानी बह रहा है वहीं यमुना एक्शन प्लान के तहत बन रहे 50 करोड़ के दो प्रोजेक्ट अपने निर्धारित समय से आठ महीने देरी से पूरे होंगे। शुक्रवार को सोनीपत पहुंचे केंद्रीय राज्य जल संसाधन मंत्री प्रो. सांवर लाल जाट ने राठधना और ककरोई प्लांटों पर जाकर अधिकारियों से पूछा, आखिर दोनों प्लांट लेट क्यों हो गए। विभाग के एक्सीएन एसके दहिया ने जवाब दिया कि, समय पर बजट नहीं मिलने और कंपनी की परेशानी के चलते दिक्कत आई है।
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गौरतलब है कि शहर से प्रतिदिन 45 मिलियन लीटर सीवरेज का पानी निकलता है, जिसे फिलहाल ड्रेन नंबर छह के माध्यम से राठधना स्थित प्लांट में भेजा जाता है। हालांकि इस प्लांट की क्षमता 30 एमएलडी है। इस कारण प्लांट पानी को ट्रीट करके आगे नहीं भेज पाता। इसके चलते ककरोई रोड पर विभाग की ओर से 25 करोड़ की लागत से नया सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है, लेकिन एक साल से ज्यादा समय से प्लांट का काम ठप पड़ा था, जो अब जाकर चालू हुआ है।

बेहद सादगी भरे अंदाज में आए केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री पत्नी नर्मदा देवी के साथ न केवल सोनीपत पहुुंचे, बल्कि अंदाज भी बेहद सादगी पूर्ण रहा। ठेठ राजस्थानी अंदाज में उन्होंने पत्नी नर्मदा के साथ पहले राठधना और उसके बाद ककरोई जाकर प्लाटों की रिपोर्ट ली। उनके साथ न गाड़ियों का काफिला था और न ही पुलिस का जमघट। उनकी सादगी को देख स्थानीय नेता भी हतप्रभ थे। 
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...जब जाम में फंस गया काफिला
दोपहर जब केंद्रीय मंत्री राठधना रोड से प्लांट की समीक्षा करके ककरोई जा रहे थे तब रोहतक बाईपास ओवरब्रिज पर जाम लगा मिला। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद काफिले को निकलवाया।

यमुना तक आवागमन का रास्ता बनाएंगे: सांसद
वहीं, सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि केंद्रीय योजना के तहत सरकार यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने को दृढ़संकल्पित है। इसके लिए यमुना की सफाई की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यमुना में इतना पानी अवश्य होगा जिससे यमुना नदी में आवागमन की सुविधा हो सके। इससे यमुना के रास्ते भी माल ढुलाई हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं भविष्य में यमुना को गंगा से भी जोडऩे का भी प्रयास किया जाएगा।
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