जो सरकारी कर्मचारी वर्किंग टाइम में भी गप्पे लड़ाने में बिजी रहते हैं, उनके लिए यह बुरी खबर है। नगर निगम कार्यालय में कर्मचारियों और हर आने-जाने वाले पर अब तीसरी आंख की नजर रहेगी। दरअसल प्रशासन ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बड़े स्तर पर कार्यवाही शुरू की है। उसी के तहत यह भी किया जा रहा है कि नगर निगम के सभी कमरों और सभी दफ्तरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इससे बाबुओं द्वारा काम कराने को लेकर सेटलमेंट करने का सिस्टम खत्म हो जाएगा और पब्लिक का काम बिना कोई रिश्वत दिए आसानी हो सकेगा।
30 सीसीटीवी कैमरों से रहेगी नजर
नगर निगम कार्यालय के प्रत्येक कमरे, गैलरी और परिसर में तीसरी आंख की नजर रहेगी। अब तक कर्मचारियों द्वारा मनमर्जी से आने और चले जाने की प्रक्रिया पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही बाहर से आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा आम जनता पर भी नजर रहेगी।
ईओ और आयुक्त के कार्यालय से होंगी मॉनिटरिंग
नगर निगम कार्यालय में लगने वाले वाले सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग ईओ और आयुक्त कार्यालय से होगी। ईओ और आयुक्त अपने कार्यालय में बैठे-बैठे सभी कमरों, मेनगेट और परिसर में नजर रहेगी। कार्यालय में बैठे ही कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को देखा जा सकेगा।
सोमवार से शुरू होगा काम
नगर निगम कार्यालय में 5 लाख रुपये की लागत से हाई क्वालिटी के 30 सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम सोमवार से शुरू हो सकता है।
निगम कार्यालय में 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसके लिए कोटेशन भी जारी हो चुके हैं। सोमवार को कार्यालय में कैमरे लगाने का काम शुरू होगा। अब कर्मचारी और अन्य अधिकारी अपने काम से भांजी नहीं मार सकेंगे। -रोहताश विश्नोई, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम