हरियाणा के सोनीपत के वेस्ट रामनगर स्थित मायापुरी कॉलोनी में चाऊमीन और पराठा खाने से देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत के मामले में पुलिस ने विसरा जांच के लिए भेज दिया है। वहीं जांच में जुटी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को नूडल्स गोदाम संचालक के पास से कोई फूड लाइसेंस नहीं मिला है। रेहड़ी संचालक भी बिना लाइसेंस के चाऊमीन बेच रहा था। टीम ने गोदाम संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
गांव थाना खुर्द फिलहाल मायापुरी कॉलोनी निवासी भूपेंद्र के बेटे प्रवेश (8) के साथ बेटी हेमा (7) व बेटा तरुण (5) थे। बुधवार को दोपहर में उनकी पत्नी पूजा ने बच्चों को रात में चाऊमीन के साथ पराठे दिए थे। देर रात तबीयत बिगड़ने से हेमा और तरुण की मौत हो गई थी।
दो बच्चों की मौत के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने शाम को सैंपल लेने की कार्रवाई शुरू की। टीम ने इंस्पेक्टर जोगेंद्र सिंह के नेतृत्व में सबसे पहले नूडल्स के सैंपल लिए। इसके बाद उस रेहड़ी से चाऊमीन के सैंपल लिए, जहां से बच्चों के लिए चाऊमीन खरीदी गई थी।
इसके बाद टीम ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित गोदाम से नूडल्स और दो तरह की सॉस के सैंपल लिए थे। सैंपल को जांच के लिए शुक्रवार को चंडीगढ़ लैब भेज दिया गया। वहीं टीम ने गोदाम में मिले करीब दो सौ लीटर सॉस को नष्ट कर दिया।
इतना ही नहीं औद्योगिक क्षेत्र स्थित जिस गोदाम से नूडल्स सप्लाई की जा रही थी वहां पर संचालक के पास कोई लाइसेंस नहीं मिला है। वह बिना फूड लाइसेंस के माल तैयार कर बेच रहा था। ऐसे में उसे अब नोटिस दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा गोदाम में गंदगी थी। सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा था।
टीम ने देर रात तक जांच कर सैंपल लिए हैं। गोदाम संचालक के पास फूड लाइसेंस नहीं मिला है। उसे नोटिस दिया गया है। नोटिस के जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-जोगेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग।