सोनीपत। राष्ट्रीय राजमार्ग 334बी पर अप्रैल में हुई सड़क दुर्घटना में बाइक चालक की मौत हो गई थी। घटना के चार माह बाद भी पुलिस ने हादसे का मुकदमा दर्ज नहीं किया था। बाद में हताश होकर मृतक की पत्नी ने कोर्ट में अर्जी दायर की।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्टेशन प्रभारी का यह कर्तव्य बनता है कि वह पहले एफआईआर दर्ज करे। उसके बाद जांच करें। कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को इस मामले में हादसे का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
उत्तर प्रदेश के जिला बागपत की रहने वालीं पिंकी का कहना है कि उनके पति अनिल खरखौदा में गाड़ी चलाने का काम करते थे। 28 अप्रैल को खरखौदा से हसनगढ़ जाते समय उनकी बाइक की टक्कर रिक्शा से टक्कर हो गई। हादसे में उनके पति की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज नहीं किया। ऐसे में पीड़ित महिला कोर्ट पहुंच गई।
कोर्ट में पुलिस की तरफ से कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसमें कहा गया कि चालक नशे में बाइक चला रहा था। उसने ही रिक्शे में टक्कर मारी थी। गिरने से उसके सिर में लगी चोट के चलते उसकी मौत हुई है।
पुलिस के तर्क को खारिज करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि पुलिस पहले एफआईआर दर्ज करें फिर तथ्यों के आधार पर विवेचना पूरी करें। कोर्ट के आदेश के बाद अब खरखौदा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। संवाद