फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब स्याही पर फंसा पेच

Thu, 17 Nov 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
विज्ञापन
लाइन में खड़े। - फोटो : sonipat
विज्ञापन
नोट बदलवाने को लेकर बैंकों में मची अफरातफरी कम करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को स्याही लगाने के आदेश बुधवार को बेअसर साबित हुए। अभी तक जिले के अधिकांश बैंकों में स्याही तक नहीं है। ऐसे में बैंकों ने पहले की तरह बिना स्याही के ही कामकाज जारी रखा। हालांकि, जिले के कुछ बैंकों ने अपने स्तर पर ही स्याही का सिस्टम शुरू कर दिया है। वहीं, अधिकारियों की मानें तो स्याही के लिए इंडियन बैंक एसोसिएशन को लिखा गया है। वीरवार तक बैंकों में स्याही पहुंचने की उम्मीद है। 
विज्ञापन


कैशलेस एटीएम, एक्सचेंज केवल खाताधारक को
शहर के अधिकांश एटीएम में कैश नहीं है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। कुछ बैंकों की ओर से एटीएम में कैश डाला जा रहा है, लेकिन कुछ समय बाद ही एटीएम खाली हो रहे हैं। बैंकों ने गेट पर नोटिस लगाए गए हैं कि कैश केवल उन्हीं लोगों का एक्सचेंज किया जाएगा, जिनका खाता उसी ब्रांच में है। ऐसे में प्रवासी खाताधारकों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।

आईडीबीआई की मॉडल टाउन शाखा हुई चार बजे बंद
मॉडल टाउन स्थित आईडीबीआई की शाखा बुधवार को चार बजे ही बंद कर दी गई। उपभोक्ताओं ने मैनेजर से इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऊपर से आदेश हैं। उपभोक्ताओं ने इस मामले की शिकायत डीसी के द्वारा जारी हेल्पलाइन पर भी की। इसके बाद स्टेनो ने बैंक खुलवाने की बात कही, लेकिन लेनदेन शुरू नहीं किया गया।
विज्ञापन


बिजली निगम के खाते में आए एक करोड़ 80 लाख
डिफाल्टरों में करीब 100 करोड़ रुपये की राशि फंसाए बैठे उत्तरी हरियाणा बिजली निगम के दिन अब नोटबंदी के कारण कुछ हद तक अच्छे दिन आए हैं। बिजली निगम के खाते में डिफाल्टरों ने एक करोड़ 80 लाख रुपये की राशि जमा करवाई है। इसके पीछे एक कारण यह है कि पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट नहीं चलने के कारण उपभोक्ता इन नोटों को बदलवाने की बजाय बिल भरने में उपयोग में ला रहे हैं।

रोजी रोटी पर भारी पड़ रही नोट बंदी
गोहाना। नोट बंदी का असर अब आम जिंदगी पर पड़ता नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत कमजोर तबके व छोटे दुकानदारों को हो रही है। बाजार में दुकानों पर बिक्री का आंकड़ा एक तिहाई रह गया है, वहीं दूसरी ओर चाय बेचकर अपना व परिवार को पेट पालने वाले दुकानदारों के सामने दो वक्त की रोटी की रोटी की जुगत भिड़ाना भी कठिन हो गया है। अनाज मंडी में चाय बेचकर अपना व परिवार का पेट पालने वाले मुनीराम का कहना है कि किसान मंडी में दोबारा कब आएगा, कुछ पता नहीं। इसके अलावा जो भी सामान मिल रहा है वह नकद खरीदना पड़ रहा है, जबकि बेचा उधार जा रहा है। इस प्रकार उन पर दोहरी मार पड़ रही है। गांव खानपुर कलां में किराना दुकान संचालक रमेश कुमार ने बताया कि जब से नोट बंदी शुरू हुई है, उसका काम धंधा ठप हो गया है। गांव के लोगों केे पास छोटे नोट नहीं मिल रहे हैं।

पुराने नोटों को लेकर किसानों व आढ़तियों में भी तकरार चल रही है। किसान पुराने नोट लेने से इंकार कर रहे हैं। इसको लेकर किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंप था। भाकियू नेता सत्यवान नरवाल ने कहा कि आढ़तियों द्वारा जबरन पूरी राशि के पुराने नोट देने से किसान परेशान हैं। इधर, एसडीएम अजय कुमार ने आढ़तियों की बैठक लेकर उन्हें किसानों के खातों में फसलों का पैसा डालने की बात कही है।

एडीसी ने भी किया दौरा
सोनीपत के एडीसी एसके शर्मा ने बैंकों में जाकर नोट बदलने व जमा कराने की प्रक्रिया देखी। इस दौरान किसी बैंक में कैश खत्म पाया गया तो किसी का एटीएम बंद मिला। कई बैंकों में काली स्याही नहीं पहुंची है। एडीसी ने पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के अलावा एसबीआई का दौरा किया। एडीसी ने बैंक में नोट बदलवाने आए लोगों से भी बातचीत की। एडीसी ने लोगों से संयम बरतने की अपील की तथा कहा कि जल्द ही सभी बैंकों में करेंसी की कमी को दूर कर दिया जाएगा।

बैंकों में स्याही लगाने का काम स्याही आने के बाद ही शुरू हो पाएगा। नोटिफिकेशन आ चुका है, लेकिन अभी उनके पास स्याही नहीं है। वीरवार तक स्याही उपलब्ध हो जाएगी। जिन एटीएम में दिक्कत आ रही है, उन्हें चालू करवाने की कोशिश जारी है। जनता को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।
विज्ञापन

नरेंद्र शर्मा, एलडीएम, सोनीपत।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें