संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। एनीमिया मुक्त हरियाणा मिशन के तहत जिले में 1 से 30 जून तक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान गांवों और शहरों में कैंप लगाकर लोगों के खून की जांच की जाएगी। अभियान में टी-4 मॉडल यानी टेस्ट, टॉक, ट्रीटमेंट और ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ. चक्रवर्ती शर्मा ने बताया गया कि गंभीर खून की कमी वाले मरीजों को आयरन, फोलिक एसिड की गोलियां दी जाएंगी। साथ ही उनका पंजीकरण एनीमिया मुक्त हरियाणा पोर्टल पर किया जाएगा ताकि उनका पूरा रिकॉर्ड रखा जा सके।
पुराने मरीजों की लगातार निगरानी की जाएगी और नए मरीजों को भी अभियान से जोड़कर उनकी भी नियमित निगरानी का अभिलेख रखा जाएगा।अभियान के तहत संबंधित आशा वर्कर और एएनएम समय-समय पर मरीजों का फॉलोअप लेंगी।
भारत विकास परिषद की टीम भी इस अभियान में सहयोग करेगी। गंभीर एनीमिया से पीड़ित लोगों को गुड़ और चने के पैकेट भी दिए जाएंगे ताकि उनका हीमोग्लोबिन स्तर बेहतर हो सके। एएनएम और फील्ड हेल्थ वर्कर अपने-अपने क्षेत्रों में कैंप लगाकर खून की जांच करेंगी।
मोबाइल हेल्थ टीम आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कैंप लगाएगी। इसके अलावा पीएचसी, सीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ज्यादा से ज्यादा जांच कैंप लगाए जाएंगे। अभियान में छह श्रेणियों के लोगों की जांच की जाएगी।
इनमें 6 महीने से 59 महीने तक के बच्चे, 5 से 9 साल तक के बच्चे, 10 से 19 साल तक के किशोर-किशोरियां, 20 से 49 साल तक की महिलाएं, गर्भवती महिलाएं और दूध पिलाने वाली महिलाएं शामिल हैं। सभी का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया जाएगा। रिकॉर्ड पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एनीमिया मुक्त हरियाणा मिशन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान का लाभ मिल सके।