फोटो 37: सोनीपत लघु सचिवालय में उपायुक्त के साथ हुई बैठक के बाद उपस्थित किसान। स्रोत: मोर्चा
सोनीपत। हाइटेंशन (एचटी) लाइन के खंभों से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा और सोनीपत प्रशासन के बीच बैठक हुई। उपायुक्त कार्यालय में संगठन के प्रतिनिधियों की एसडीएम खरखौदा और एसडीएम सोनीपत के साथ करीब चार घंटे तक वार्ता हुई।
चर्चा के बाद यह तय हुआ कि 30 सितंबर को मार्केट रेट कमेटी का गठन कर किसानों को नई मुआवजा पॉलिसी के तहत लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब ने बताया कि वर्ष 2023 से एचटी लाइन से प्रभावित किसान संघर्षरत हैं।
जुलाई 2025 में सरकार ने ऐतिहासिक मुआवजा पॉलिसी लागू की थी जिसके तहत झज्जर जिले में किसानों का मुआवजा तय भी हो गया है लेकिन सोनीपत के 17 गांवों के किसानों को पावर ग्रिड के ईडी की आपत्तियों के चलते अब तक लाभ नहीं मिल पाया।
मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने 20 सितंबर को आश्वासन दिया था कि सोनीपत के किसानों को वास्तविक बाजार मूल्य पर मुआवजा दिया जाएगा। इसी भरोसे पर एसकेएम खरखौदा ने किसानों को शांत किया और टकराव की स्थिति सामान्य हुई।
दहिया 24 खाप के प्रधान उमेश दहिया ने पावर ग्रिड प्रबंधन को चेताया कि सोनीपत का किसान किसी भी संघर्ष के लिए तैयार है। जब तक 17 गांवों के हर किसान को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में सरपंच संदीप, मोनू बदवसानी, सरपंच वीरेंद्र, कृष्ण, जसवंत, प्रदीप नंबरदार, सरपंच रामसिंह, जसवीर, महेंद्र, रणबीर, पारस लोहचब भी मौजूद रहे।