सोनीपत। फसल अवशेष में आगजनी की घटना लगातार बढ़ने लगी है। अब तक कृषि विभाग के पास फसल अवशेष में आगजनी की 37 लोकेशन आई हैं। इसमें वीरवार को ही 17 लोकेशन मिली हैं। सेटेलाइट से मिली लोकेशन का भौतिक सत्यापन के बाद कृषि विभाग संबंधित लोगों पर जुर्माना भी लगा सकता है।
रबी सीजन की फसलों की कटाई प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। किसान खरीफ सीजन की फसलों की बिजाई व रोपाई के लिए खेतों को साफ करने की कवायद में जुट गए हैं। ऐसे में कुछ किसान फसल अवशेषों में आगजनी भी कर रहे हैं। ऐसे किसानों पर नकेल कसने के लिए सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है। फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए कृषि विभाग ने टीमों का भी गठन किया है। कृषि विभाग के साथ-साथ ग्राम सचिव व पटवारी भी संबंधित क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं पर नजर रख रहे हैं। वहीं विभाग किसानों को फसल अवशेषों में आगजनी करने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक भी कर रहा है। फसल अवशेषों में आगजनी से मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं।
वर्जन
अब तक सेटेलाइट से आगजनी की 37 लोकेशन प्राप्त हुई है। इसमें 17 वीरवार को मिली है। इनमें कई गलत भी है। इनका भौतिक सत्यापन कराकर कार्रवाई की जाएगी। किसान आगजनी ना करें और फसल अवशेषों को चारे के रूप में इस्तेमाल करें।
डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत