सोनीपत। नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच पर रिश्वत मांगने और मानसिक उत्पीड़ना के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर बिल्डिंग को सील कर दिया गया। इसे लेकर पीएम को शिकायत दी है। वहीं अधिकारियों ने आरोपों को झूठे बताया है।
एटलस रोड निवासी एसके अरोड़ा ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी व्यावसायिक संपत्ति के लिए विधिवत मंजूर नक्शे के आधार पर शोरूम निर्माण शुरू किया था, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने उनसे 12 लाख रुपये की मांग की। देने से इनकार करने पर उनका निर्माणाधीन शोरूम सील कर दिया गया। आरोप है कि उन्हें निर्माण कार्य बंद करवाने और एफआईआर की धमकी दी गई है। उन्होंने अधिकारियों की संपत्ति, बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड की जांच की मांग करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की अपील की। एसडीओ मंजीत दहिया ने बताया कि नोटिस देने के बावजूद कई लोगों ने नक्शा पास कराने के लिए आवेदन नहीं किया। ऐसे निर्माण कार्यों पर नियमों के अनुसार समान रूप से कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने सील तोड़कर फिर से निर्माण शुरू कर दिया। उनके खिलाफ सोमवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी।