फोटो :36: सोनीपत के राई क्षेत्र में जलाया गया कूड़ा। संवाद
सोनीपत। सांसों पर खतरा फिर से बढ़ने लगा है। वायु प्रदूषण एक बार फिर बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 349 पर पहुंच गया है। ग्रैप-4 के प्रावधान लागू होने के बावजूद हालात में सुधार नहीं हैं। प्रशासन ने फिर से बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए बैठक बुलाई है। रेत के अवैध खनन व खुले में रखे स्टॉक को लेकर भी कार्रवाई की तैयारी की गई है।
छोटी दिवाली को बूंदाबांदी ने प्रदूषण को धो डाला था। उस दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक तेजी से गिरकर 87 पर आ गया था। इससे प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों ने भी राहत की सांस ली थी, लेकिन इसके अगले ही दिन लोग पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भूल गए और जमकर आतिशबाजी की। नतीजा यह हुआ कि प्रदूषण तेजी से बढ़ता चला गया। 12 नवंबर को 250, 13 व 14 नवंबर को 300 से कम दर्ज किया गया। 15 व 16 नवंबर को वायु प्रदूषण सूचकांक फिर से बेहद खराब स्थिति में दर्ज किया गया। इस पर प्रशासन ने वीरवार को बैठक लेकर कई निर्देश दिए।
खुले में जलाया जा रहा कूड़ा
खुले में कूड़ा जलाने से लोग अभी भी परहेज नहीं कर रहे हैं। राई क्षेत्र में वीरवार को भी हाईवे किनारे कूड़े में आग लगी दिखाई दी। जिससे प्रदूषण का स्तर लगातार बिगड़ रहा है।
फोटो :36: सोनीपत के राई क्षेत्र में जलाया गया कूड़ा। संवाद