सोनीपत। जिले की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। हल्की हवा चलने के बावजूद जिले की वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, बल्कि प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया। रविवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 284 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यह 239 था।
हवा में मौजूद प्रदूषक कणों का स्तर और अधिक घातक हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप)-2 लागू होने के बावजूद वायु की सेहत में ज्यादा सुधार नहीं हो रहा। ग्रैप-2 में खुले में कचरा जलाने, धूल उड़ाने और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्त पाबंदी है। इसके बावजूद कूड़े के ढेर जलते दिखाई दे रहे हैं। धुएं और दुर्गंध से वातावरण दमघोंटू बन गया है, लेकिन नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दोनों मूकदर्शक बने हुए हैं।
सड़कें और नालियां कूड़े के ढेरों से अटी, लगा दी जाती है आग
नगर निगम की लापरवाही से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कचरे का सही उठान न होने से कूड़े के ढेरों को आग के हवाले कर दिया जाता है। इससे उठने वाला धुआं हवा में मिलकर शहर को धुंध की चादर में ढक रहा है। नालियों में सड़ता कचरा, बदबू और उठता धुआं लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। राठधना रोड पर कूड़े में आग लगी थी।
नवंबर में एक्यूआई में लगातार आ रहा उतार-चढ़ाव
तिथि एक्यूआई
19 182
21 287
22 274
23 214
24 220
25 214
26 219
28 343
30 330
31 317
नोट : पहली नवंबर को प्रदूषण से कुछ राहत मिली और यह 239 दर्ज किया गया। हालांकि 2 नवंबर को फिर से 284 हो गया।
कचरा जलाने से बढ़ेगी परेशानी
पर्यावरण विशेषज्ञ देवेंद्र कहते हैं कि अगर खुले में कचरा जलाने और धूल उड़ाने के मामले जारी रहे तो शहर का एक्यूआई बेहद खराब व गंभीर श्रेणी तक पहुंच सकता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों के लिए स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाएगी।
सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रहीं
डॉक्टर योगेश का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा, एलर्जी और फेफड़ों की बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। धुएं में मौजूद कार्बन और धूलकण फेफड़ों तक पहुंचकर शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रहे हैं। हवा में बढ़ता पीएम 2.5 और पीएम 10 स्तर सांस लेने में कठिनाई पैदा कर रहा है।
हर सप्ताह सड़क पर सफाई अभियान चला रहे हैं। कुछ स्थानों पर ठेकेदारों की लापरवाही मिली है, जिन पर कार्रवाई की जा रही है। शहर को स्वच्छ बनाना हमारी प्राथमिकता है, लेकिन अधिकारियों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
- राजीव जैन, मेयर, नगर निगम
नई मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की गई है और वार्ड-वाइज सफाई टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिदिन सफाई सुनिश्चित करें। अगर किसी अधिकारी, एजेंसी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी।
- हर्षित कुमार, कमिश्नर, नगर निगम
मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। अब तापमान में कमी का दौर शुरू होगा। हवा चलने से प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है। सप्ताह के अंत तक न्यूनतम तापमान 11 डिग्री व अधिकतम तापमान 24 डिग्री तक आ सकता है। अभी अधिकतम तापमान 30 डिग्री व न्यूनतम 16 डिग्री पर है।
- डॉ. प्रेमदीप, वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत
फोटो : 21: सोनीपत शहर में राठधना रोड पर कूड़े के ढेर में लगी आग।