राई (सोनीपत)। गांव सबौली में कारोबार को लेकर ट्रांसपोर्टर की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। पुलिस की तीन टीम उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं। वहीं पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों ट्रांसपोर्टर एक ही कंपनी के माल की ढुलाई करते थे जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ने लगी थी।
गांव सबौली निवासी हरीश ने कुंडली थाना पुलिस को बताया कि उनके चाचा अमरजीत उर्फ मोनू (38) ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। वह 21 अप्रैल की रात को अपने चाचा के साथ स्कूटी पर सवार होकर खाना लेने दिल्ली के नरेला होटल पर जा रहे थे। सबौली-नरेला रोड पर गांव की फिरनी में पहुंचे तो इसी दौरान वहां कार में गांव का गोलू व आशीष उर्फ बाली, झज्जर के गांव लडरावण का मुकेश उर्फ सीटू तथा सीटू का दोस्त बैठे मिले थे। उन्होंने उन्हें रोक लिया था। इसके बाद प्रतिद्वंद्वीता के चलते उनके चाचा से झगड़ा शुरू कर दिया था। वह अपने चाचा को लेकर चलने लगा तो पीछे से तीन फायर किए थे जिसमें एक गोली चाचा को लगी थी। जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने चारों पर मुकदमा दर्ज कर लिया था।
पुलिस की तीन टीम आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह दोनों ने एक ही कंपनी के माल की ढुलाई करते थे। जिसमें उनमें प्रतिस्पर्धा बढ़ गई थी। जिसके चलते ही रंजिश हो गई।