सोनीपत। राजकीय स्कूलों में आगामी कक्षा में प्रवेश से पहले विद्यार्थियों को अपनी पुस्तकें स्कूल में जमा करवानी होंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने पहल शुरू कर दी है। योजना के तहत राजकीय विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक जिन विद्यार्थियों ने स्कूल से पुस्तकें ली थी, उनको अगली कक्षा में जाने से पहले सभी पुस्तकें स्कूल में जमा करवानी होगी। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 के तहत राजकीय विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को यह पुस्तकें निशुल्क दी जाएंगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसके तहत निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में नामांकन बढ़ाने के साथ स्कूल मुखियाओं से पाठ्य-पुस्तकें और वर्क बुक डिमांड संबंधी जानकारी मांगी है। 30 मार्च को जारी होने वाले वार्षिक परीक्षा परिणाम में पास होने वाले पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की पुरानी पुस्तकें जमा करने के निर्देश दिए हैं।
नए सत्र में समय पर पढ़ाई शुरू कर सकेंगे विद्यार्थी
कई स्कूलों में हर साल विद्यार्थियों की संख्या की अपेक्षा कम पुस्तकें रह जाती हैं। पुस्तकों के अभाव में नए सत्र शुरू होने पर शिक्षक समय से पढ़ाई शुरू नहीं करा पाते और पुस्तकों के इंतजार में ही काफी समय बीत जाता था। शिक्षा अधिकारियों की मानें तो पुरानी पुस्तकों को वापस लेने का उद्देश्य है कि इन पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से नए शैक्षणिक सत्र के तहत कक्षाओं में पढ़ाई समय से शुरू करवाई जा सके।
वर्जन
पहली से आठवीं कक्षा में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को अपनी पाठ्य-पुस्तकें स्कूल में जमा करानी होंगी। जिससे स्कूल में नया नामांकन पाने वाले विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा सकें। इससे नए सत्र में पढ़ाई भी समय पर शुरू हो सकेगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बारे अवगत करा दिया गया है।
नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत