यहां से दिल्ली की एक-एक कील निकालकर ही किसान वापस जाएंगे। केएमपी जाम को सफल बनाना है तो उसमें किसी तरह का बवाल नहीं हो, उसका भी ध्यान हमें खुद रखना है। क्योंकि सरकार पहले भी आंदोलन को बदनाम कर चुकी है और वह लगातार षड्यंत्र रच रही है।
पश्चिम बंगाल में 12-14 मार्च तक रहेंगे, सरकार व सहयोगी दलों का विरोध करेंगे
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान नेता 12-14 मार्च तक बंगाल में रहेंगे और वहां किसानों के साथ आमजन को बताया जाएगा कि किस तरह से सरकार उनका हक छीन रही है। बताया जाएगा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिल रही है तो गैस, पेट्रोल, डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। वहां सरकार व सहयोगी दलों का विरोध किया जाएगा।
राकेश टिकैत ने कहा कि यह वैचारिक क्रांति का आंदोलन बन चुका है और यह अब खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जाकर पंचायत करेंगे और आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। सरकार का इलाज किए बिना किसान यहां से नहीं जाएगा। हम किसी पार्टी को पंचायतों के लिए मना नहीं कर रहे, क्योंकि किसान का चिह्न लगा कर यह रैलियां कर रहे हैं।