खरखौदा। प्रशासनिक रूप से खरखौदा को गोहाना में शामिल किए जाने की आशंकाओं के बीच शुरू हुए विरोध के बाद भाजपा ने अब अपने अंदरूनी निर्णय में संशोधन कर लिया है। भाजपा ने खरखौदा को संगठनात्मक रूप से दोबारा सोनीपत में शामिल करने की घोषणा की है। यह जानकारी स्थानीय विधायक पवन खरखौदा ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी।
हाल ही में भाजपा ने जिलेवार संगठन विस्तार करते हुए गोहाना को संभावित जिला मानते हुए वहां अलग जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसी के तहत खरखौदा को भी संगठनात्मक रूप से गोहाना जिले में जोड़ा गया था। भाजपा के इस फैसले के बाद खरखौदा क्षेत्र में विरोध शुरू हो गया था। क्षेत्रवासियों ने आशंका जताई कि इससे भविष्य में खरखौदा की प्रशासनिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है। गोहाना जिला बनने पर खरखौदा विधानसभा क्षेत्र को भी उसमें जोड़ दिया जाएगा। इसके विरोध के स्वर फूट पड़े थे। क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि खरखौदा को सोनीपत जिले में ही रखा जाए। भाजपा की ओर से उस समय यह सफाई दी गई थी कि यह केवल संगठनात्मक बदलाव है। प्रशासनिक नक्शे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। भाजपा ने जनभावनाओं को देखते हुए अब संगठनात्मक ढांचे में भी सुधार करते हुए खरखौदा को गोहाना के बजाय दोबारा सोनीपत में जोड़ा गया है।
विधायक पवन खरखौदा ने सोशल मीडिया पर बताया कि प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने खुद यह फैसला लिया है और स्पष्ट किया कि खरखौदा की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इसे सोनीपत में ही रखा जाएगा। इस निर्णय से क्षेत्रवासियों में खुशी है और लोगों ने इसे जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और जनआंदोलन की सफलता बताया है। विधायक का कहना है कि वह भविष्य को लेकर भी हलका वासियों के आश्वस्त करते हैं कि खरखौदा सोनीपत जिले का ही हिस्सा रहेगा।