सोनीपत। जिले में भाजपा ने 52 साल में पहली बार महिला शक्ति पर भरोसा जताया है। जिले में महिला वोटर को प्रभावित करने और उनका वोट लेने के लिए भाजपा ने महिलाओं को टिकटों में 50 प्रतिशत भागेदारी दी है। भाजपा एकमात्र ऐसा दल है जिसने छह में से तीन सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। जबकि इनेलो, जजपा और कांग्रेस से एक भी महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं हैं। पहली बार तीन महिलाओं को टिकट दिया है।
भाजपा ने जिले में मतदाताओं को रिझाने के लिए इस बार महिलाओं को प्राथमिकता दी है। हरियाणा निर्माण के बाद से पहली बार सोनीपत जिले से एक ही दल की तीन महिलाएं मैदान में हैं। इससे पूर्व में सोनीपत से एक-दो महिला ही कभी मैदान में उतारी हैं। सोनीपत जिले में पहली बार कांग्रेस पार्टी ने 1977 में कैलाना (गन्नौर) सीट से शांतिराठी को उम्मीदवार बनाया था और वह पहली महिला विधायक बनी थीं। इससे पहले कई महिला मैदान में तो आई भी, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल पाया था। इसके बाद 1991 में शांति राठी ही दोबारा इसी सीट से कांग्रेस टिकट पर चुनी र्गइं और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बनाई गई थीं।
कैलाना से शांति राठी के बाद रोहट हलका (खरखौदा) से 1996 में हरियाणा विकास पार्टी की टिकट पर कृष्णा गहलावत विधायक बनी थीं। वह भी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं। 1996 के बाद फिर लंबे समय तक यहां से किसी महिला को मैदान में नहीं उतारा गया। वर्ष 2009 में भाजपा ने सोनीपत विधानसभा सीट से कविता जैन को टिकट दिया। वह विधायक भी बन गईं। वर्ष 2014 में इनेलो व भाजपा ने मिलकर महिलाओं पर मेहरबानी दिखाई। दोनों दलों से मिलाकर चार महिलाओं को मैदान में उतारा था। इनमें भाजपा ने सोनीपत से कविता जैन को दोबारा उतारा तो राई से कृष्णा गहलावत को टिकट दिया था। इसी तरह इनेलो ने गन्नौर से निर्मल चौधरी (मौजूदा भाजपा उम्मदीवार) तथा खरखौदा से अनिता खांडा को टिकट दिया था। लेकिन जीत का सेहरा फिर से अकेले कविता जैन के सिर पर बंधा। अब 2019 में फिर से भाजपा ने ही तीन महिलाओं पर दांव खेला है। इनमें तीसरी बार जीत की हैट्रिक लगाने के लिए मैदान में उतारी कविता जैन सोनीपत सीट, गन्नौर से निर्मल चौधरी, खरखौदा सुरक्षित सीट से मीना नरवाल का नाम शामिल है। भाजपा ने इस तरह कुल छह सीटों में से तीन पर महिला उम्मीदवार को उतारकर सोनीपत जिले में 50 प्रतिशत भागेदारी महिलाओं को दी है।
कांग्रेस, इनेलो, जजपा से नहीं कोई महिला उम्मीदवार
बेशक भाजपा ने सोनीपत जिले में छह सीटों में से तीन पर महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन अन्य बड़े दलों में शामिल कांग्रेस, इनेलो और जजपा ने एक भी महिला को उम्मीदवार नहीं बनाया है। तीनों ही दलों ने सोनीपत में अपने सभी छह प्रत्याशी पुरुष ही उतारे हैं। जिसमें कांग्रेस के पांच निवर्तमान विधायकों को ही दोबारा टिकट दिया है।
कविता जैन लगातार दो बार से बन रहीं विधायक
भाजपा ने जिले में वर्ष 2009 में कविता जैन को मैदान में उतारा था। उन्होंने जीत दर्ज कर यह सीट भाजपा की झोली में डाल दी थी। प्रदेश में भाजपा के चार विधायक चुने गए थे। जिनमें कविता जैन भी थी। पार्टी ने उन्हें वर्ष 2014 के चुनाव में दोबारा मौका दिया था। उन्होंने तब भी पार्टी को जिले की सोनीपत विधानसभा सीट जीतकर दी थी। पांच अन्य सभी सीट कांग्रेस की झोली में गई थी। अब कविता जैन लगातार तीसरी बार भाजपा की टिकट पर मैदान में हैं।
निर्मल चौधरी।- फोटो : Sonipat
कविजा जैन।- फोटो : Sonipat